भारत के उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश मार्कंडेय काटजू ने देश में एक नए राजनीतिक दल ‘इश्क करो पार्टी’ (IKP) की शुरुआत का ऐलान किया है। उन्होंने पार्टी के लिए सदस्यता अभियान भी शुरू कर दिया है और लोगों से इसमें शामिल होने की अपील की है। इस दौरान उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और उसके संस्थापक अभिजीत दीपके की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए।
CJP के समर्थकों से पार्टी छोड़ने की अपील
रविवार को जस्टिस काटजू ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि CJP के समर्थकों को अपना समय उस संगठन के साथ व्यर्थ नहीं करना चाहिए और नई बनी इश्क करो पार्टी से जुड़ना चाहिए। उन्होंने बताया कि पार्टी जल्द ही अपनी वेबसाइट और इंस्टाग्राम अकाउंट भी शुरू करने जा रही है।
काटजू ने स्वयं को पार्टी का संरक्षक बताते हुए सदस्यता के लिए ईमेल आईडी भी साझा की। उन्होंने कहा कि पार्टी का उद्देश्य देश के महत्वपूर्ण सामाजिक और आर्थिक मुद्दों को प्रमुखता से उठाना है।
अभिजीत दीपके की मांगों पर उठाए सवाल
जस्टिस काटजू ने CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके की उस मांग की आलोचना की, जिसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की जा रही है। उन्होंने कहा कि केवल किसी मंत्री के इस्तीफे की मांग करने से समस्या का समाधान नहीं होगा।
काटजू ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा भी दे दें, तो उनकी जगह कोई अन्य मंत्री आ जाएगा, ऐसे में इससे वास्तविक बदलाव कैसे आएगा, इस पर विचार किया जाना चाहिए।
पार्टी में पदाधिकारियों की घोषणा
पूर्व न्यायाधीश ने बताया कि 44 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद लोग इश्क करो पार्टी में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने इच्छुक लोगों से पार्टी अध्यक्ष इरफान अली से संपर्क करने की अपील की।
काटजू ने कहा कि जो लोग पार्टी की विचारधारा से सहमत होंगे, उन्हें संगठन में उपाध्यक्ष जैसे पद भी दिए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि पार्टी के माध्यम से बेरोजगारी, भूख, गरीबी और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी जैसे मुद्दों को उठाया जाएगा।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े अभिजीत दीपके
दूसरी ओर, अभिजीत दीपके ने रविवार को कहा कि परीक्षाओं से जुड़ी कथित अनियमितताओं के मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा लेना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
छत्रपति संभाजीनगर में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में दीपके ने आरोप लगाया कि पिछले एक दशक में देश की राजनीति हिंदू-मुस्लिम मुद्दों के इर्द-गिर्द केंद्रित रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को अपनी प्राथमिकताओं में बदलाव करते हुए बेरोजगारी जैसे गंभीर मुद्दों पर अधिक ध्यान देना चाहिए।
NEET और CBSE विवाद के बीच तेज हुआ आंदोलन
NEET परीक्षा के कथित पेपर लीक और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) व्यवस्था में कथित खामियों को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान लगातार राजनीतिक विवादों के केंद्र में बने हुए हैं।
अभिजीत दीपके ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध रुकवाने में भूमिका निभा सकते हैं, तो देश में प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं को क्यों नहीं रोका जा सकता।
गौरतलब है कि शनिवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले नई दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर एक बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया गया था। दीपके ने कहा कि विरोध प्रदर्शन आगे भी जारी रहेगा और उनकी मांगों को लेकर आंदोलन नहीं रुकेगा।
Author: Shivam Verma
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