लखनऊ: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले का ऐतिहासिक कस्बा जलालाबाद अब एक नई पहचान के साथ जाना जाएगा। केंद्र सरकार ने यूपी सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए जलालाबाद का नाम बदलकर “परशुरामपुरी” कर दिया है। यह फैसला लंबे समय से चली आ रही स्थानीय मांग और भावनाओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
केंद्रीय मंत्री ने दी जानकारी
केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने मंगलवार को इसकी जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय ने जलालाबाद का नाम बदलने के प्रस्ताव पर अपनी सहमति देते हुए इसे मंजूरी प्रदान कर दी है। अब यह कस्बा और विधानसभा क्षेत्र आधिकारिक तौर पर परशुरामपुरी के नाम से जाना जाएगा।
गृह मंत्रालय ने जारी किया “नो ऑब्जेक्शन”
गृह मंत्रालय ने 19 अगस्त 2025 को आदेश जारी करते हुए कहा कि यूपी सरकार के 27 जून 2025 को भेजे गए प्रस्ताव पर विचार करने के बाद भारत सरकार को नाम परिवर्तन पर कोई आपत्ति नहीं है। आदेश के अनुसार, नया नाम हिंदी (देवनागरी लिपि), अंग्रेज़ी (रोमन लिपि) और क्षेत्रीय भाषाओं में दर्ज व प्रकाशित किया जाएगा।
आदेश में क्या कहा गया?
गृह मंत्रालय के अवर सचिव कुंदन कुमार द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि यूपी सरकार इस नाम परिवर्तन की अधिसूचना जारी कर सभी संबंधित विभागों और संस्थानों को सूचित करे। इसमें सर्वे ऑफ इंडिया, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय, रेलवे बोर्ड, डाक विभाग सहित अन्य विभाग शामिल हैं।
स्थानीय लोगों में उत्साह
जलालाबाद का नाम बदलकर परशुरामपुरी किए जाने के फैसले से स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल है। क्षेत्र में लंबे समय से यह मांग उठाई जा रही थी, जिसे अब केंद्र सरकार ने पूरा कर दिया है।
