Kanpur News: कानपुर में जमीन के भू-उपयोग यानी लैंड यूज में बदलाव कराने वाले लोगों के लिए राहत की खबर है। शासन ने 6 हजार वर्गमीटर तक की जमीन के भू-उपयोग परिवर्तन का अधिकार कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) बोर्ड को दे दिया है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब इस क्षेत्रफल तक के मामलों के लिए आवेदकों को शासन स्तर पर मंजूरी के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
इस संबंध में प्रमुख सचिव पी. गुरु प्रसाद ने आदेश जारी किया है। नई व्यवस्था के तहत 6 हजार वर्गमीटर तक की जमीन के भू-उपयोग परिवर्तन से संबंधित मामलों पर KDA बोर्ड ही निर्णय ले सकेगा। हालांकि, 6 हजार वर्गमीटर से अधिक क्षेत्रफल वाली जमीन के मामलों में पहले की तरह शासन से अनुमति लेना जरूरी होगा।
महीनों तक लंबित नहीं रहेंगी फाइलें
अब तक भू-उपयोग परिवर्तन के आवेदन KDA बोर्ड की संस्तुति के बाद शासन को भेजे जाते थे। शासन स्तर पर फाइलों के लंबित रहने के कारण आवेदकों को लंबे समय तक निर्णय का इंतजार करना पड़ता था। इस देरी के दौरान निर्माण सामग्री और विकास कार्यों की लागत बढ़ने से आवेदकों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता था।
नई व्यवस्था के बाद 6 हजार वर्गमीटर तक के भू-उपयोग परिवर्तन से जुड़े मामलों का निस्तारण KDA स्तर पर ही किया जा सकेगा। इससे प्रक्रिया में तेजी आने के साथ विकास कार्यों में होने वाली देरी कम होने की उम्मीद है।
मौजूदा भू-उपयोग में अधिकतम एक प्रतिशत बदलाव की अनुमति
नई व्यवस्था के साथ एक महत्वपूर्ण शर्त भी लागू की गई है। इसके तहत किसी मौजूदा भू-उपयोग में अधिकतम एक प्रतिशत तक ही बदलाव बोर्ड स्तर पर किया जा सकेगा। इस संबंध में शासन का आदेश और अधिसूचना KDA को प्राप्त हो गई है।
KDA सचिव अभय पांडेय के अनुसार, शासन के आदेश के बाद नई व्यवस्था लागू कर दी गई है। अब 6 हजार वर्गमीटर तक की जमीन के भू-उपयोग परिवर्तन से जुड़े मामलों का निस्तारण KDA बोर्ड स्तर पर ही किया जाएगा।
लैंड यूज परिवर्तन शुल्क में 5 से 50 प्रतिशत तक कमी
भू-उपयोग परिवर्तन कराने वालों को शुल्क के मामले में भी राहत दी गई है। शासन ने शुल्क की दरों में 5 से 50 प्रतिशत तक की कमी की है। इससे जमीन का लैंड यूज बदलवाने वाले आवेदकों पर आर्थिक बोझ कम होने की उम्मीद है।
पहले भू-उपयोग परिवर्तन शुल्क का भुगतान चार तिमाही किस्तों में एक साल के भीतर करना होता था। इस पर 12 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज भी देना पड़ता था। अब आवेदक चार तिमाही किस्तों में एमसीएलआर से एक प्रतिशत अधिक वार्षिक दर पर शुल्क का भुगतान कर सकेंगे।
जरूरत पड़ने पर KDA उपाध्यक्ष को आवेदन देकर भुगतान की अवधि एक साल तक और बढ़ाई जा सकेगी। इससे आवेदकों को शुल्क जमा करने के लिए अतिरिक्त समय मिल सकेगा। – कानपुर नगर | रिपोर्टर: आयुष मिश्रा










