राजस्थान में स्थानीय स्वशासन को मजबूत करने के लिए पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव का पहला चरण आज से शुरू हो गया है। प्रदेश के कुल 16 जिलों में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान सुबह से ही शांतिपूर्ण और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जारी है। लोकतांत्रिक प्रक्रिया के इस बड़े पर्व में हिस्सा लेने के लिए ग्रामीण इलाकों के मतदाताओं में सुबह से ही भारी उत्साह देखा जा रहा है। अपने क्षेत्र के विकास के लिए नेतृत्व चुनने को लेकर आम जनता बढ़-चढ़कर मतदान केंद्रों का रुख कर रही है।
निर्वाचन आयोग से प्राप्त शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, सुबह 10 बजे तक जयपुर जिले में सबसे अधिक 14.70 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है। वहीं दूसरी ओर, फलोदी जिले में सबसे कम 8.64 प्रतिशत वोटिंग रिकॉर्ड की गई है। इस पहले चरण में कुल 85 लाख से अधिक मतदाता चुनावी मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे 6,926 प्रत्याशियों के भविष्य का फैसला ईवीएम के जरिए कर रहे हैं। राज्य के विभिन्न हिस्सों में प्रशासन ने मतदान प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं।
मतदान के दौरान कई जगहों से छिटपुट घटनाएं और प्रशासनिक चुनौतियां भी सामने आई हैं। बाड़मेर जिले की मांगता पंचायत समिति के वार्ड संख्या 8 से चुनाव लड़ रहे एक कांग्रेस प्रत्याशी के अचानक निधन के बाद निर्वाचन प्रशासन ने तुरंत एक्शन लिया। नियमों के तहत उस बूथ पर ईवीएम में दिवंगत प्रत्याशी का नाम और चुनाव चिह्न मास्क यानी बंद कर दिया गया है ताकि किसी तरह की भ्रम की स्थिति न बने। इसके अलावा बीकानेर और कुछ अन्य जगहों पर ईवीएम में तकनीकी खराबी आने की सूचना मिली, जिसे प्रशासनिक अमले ने तुरंत दूर करवाकर मतदान सुचारू रूप से शुरू करवाया।
इस चुनावी माहौल के बीच प्रदेश के विभिन्न जिलों से कुछ प्रेरणादायक तस्वीरें भी सामने आई हैं। कई मतदान केंद्रों पर बुजुर्गों और महिलाओं की लंबी कतारें लोकतंत्र के प्रति उनकी निष्ठा को बयां कर रही हैं। पाली जिले में तो राजनीतिक दलों के बीच आपसी सद्भाव की अनूठी मिसाल देखने को मिली, जहां विभिन्न दलों के उम्मीदवारों ने एक साथ खड़े होकर आपसी भाईचारे का संदेश दिया। शुरुआती घंटों में दर्ज किए गए मतदान के आंकड़े यह संकेत दे रहे हैं कि इस बार ग्रामीण जनता अपने मताधिकार का प्रयोग करने को लेकर पूरी तरह जागरूक है।
पहले चरण के इस मतदान में सुरक्षा के कड़े पहरे के साथ-साथ चिकित्सा और प्रशासनिक टीमों को भी पूरी तरह मुस्तैद रखा गया है ताकि किसी भी मतदाता को असुविधा न हो। शाम तक चलने वाली इस मतदान प्रक्रिया के बाद सभी उम्मीदवारों का भाग्य मतपेटियों में बंद हो जाएगा, जिसके नतीजों पर पूरे प्रदेश की राजनीतिक निगाहें टिकी हुई हैं। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि सभी जिलों में चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सकें।










