Delhi News: भारत की राजधानी नई दिल्ली में कूटनीतिक गतिविधियों का दौर जारी है। इसी क्रम में पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने गुरुवार को ऐतिहासिक हैदराबाद हाउस में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। दोनों शीर्ष नेताओं के बीच यह बैठक आपसी रिश्तों को नई ऊंचाइयां देने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मुलाकात से पहले दोनों राजनेताओं ने गर्मजोशी से एक-दूसरे का अभिवादन किया, जो दोनों देशों के बीच मजबूत और आत्मीय संबंधों को दर्शाता है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस उच्चस्तरीय बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और अधिक प्रगाढ़ बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई। इसके अलावा व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग, नवीकरणीय ऊर्जा और अत्याधुनिक तकनीक जैसे प्रमुख क्षेत्रों में आपसी साझेदारी को विस्तार देने के रास्तों पर भी विचार-विमर्श किया गया। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर साझा हितों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी अपने विचार साझा किए।
अपनी इस भारत यात्रा के दौरान पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने नई दिल्ली स्थित राजघाट पहुंचकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि भी अर्पित की। इसके अलावा, उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भी मुलाकात की, जहां दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग के नए आयामों पर मंथन किया गया। विदेश मंत्री ने इस मुलाकात को लेकर प्रसन्नता जताई और रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने में प्रधानमंत्री मोदी के साथ होने वाली बैठक की उम्मीदों को सराहा।
बता दें कि पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर बुधवार शाम को ही नई दिल्ली पहुंचे थे। हवाई अड्डे पर उनका स्वागत खाद्य प्रसंस्करण उद्योग और जल शक्ति राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी ने गर्मजोशी के साथ किया। उनके साथ इस दौरे पर पोलैंड के वित्त और अर्थव्यवस्था मंत्री आंद्रेज डोमांस्की समेत एक बड़ा उच्च-स्तरीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है।
नई दिल्ली में अपने निर्धारित कार्यक्रमों को पूरा करने के बाद प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क का बेंगलुरु जाने का भी कार्यक्रम है। वहां वे सूचना प्रौद्योगिकी यानी आईटी और अंतरिक्ष क्षेत्र के तमाम प्रमुख व्यावसायिक दिग्गजों के साथ बैठक करेंगे। दोनों देशों के बीच आर्थिक रिश्तों को बढ़ावा देने के लिए नई दिल्ली और बेंगलुरु में भारत-पोलैंड बिजनेस फोरम का भी आयोजन किया जा रहा है, जिससे दोनों राष्ट्रों के व्यापारिक संबंधों को और मजबूती मिलने की पूरी उम्मीद है।










