Sultanpur, Uttar Pradesh: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने के मामले में चल रहे मुकदमे में मंगलवार को एक अहम मोड़ आया। एमपी-एमएलए कोर्ट सुलतानपुर में रायबरेली सांसद एवं नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के अधिवक्ता ने परिवादी बीजेपी नेता विजय मिश्र से जिरह शुरू कर दी। इससे पहले कोर्ट ने पिछली सुनवाई में राहुल गांधी पक्ष को अंतिम अवसर दिया था।
क्या है पूरा मामला?
वर्ष 2018 में बीजेपी नेता विजय मिश्र ने राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा दायर किया था, जिसमें उन पर अमित शाह के प्रति अभद्र टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया था। इस मामले में तत्कालीन स्पेशल मजिस्ट्रेट एमपी-एमएलए योगेश यादव की अदालत ने 27 नवंबर 2023 को राहुल गांधी के खिलाफ भादवि की धारा-500 (मानहानि) के तहत तलबी आदेश जारी किया था।
इसके बाद राहुल गांधी ने फरवरी 2024 में कोर्ट में पेश होकर जमानत कराई थी। जमानत की कार्यवाही और राहुल गांधी का बयान दर्ज होने के बाद अब बचाव पक्ष की जिरह शुरू हुई है, जिसे लेकर राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है।
राहुल गांधी पक्ष पर कोर्ट की सख्ती
राहुल गांधी पक्ष इस मामले में बार-बार समय मांग रहा था, जिसके चलते कोर्ट ने पिछली पेशी पर अंतिम अवसर दिया था। कोर्ट की चेतावनी के बाद आखिरकार राहुल गांधी के अधिवक्ता ने मंगलवार को जिरह शुरू कर दी।
आज की सुनवाई पर सबकी निगाहें
अब सवाल उठता है कि राहुल गांधी के अधिवक्ता इस मामले में आरोपों के खिलाफ क्या मजबूत तर्क पेश कर पाते हैं? जिरह पूरी होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि राहुल गांधी के बचाव पक्ष की रणनीति कितनी प्रभावी साबित होगी।
इस मामले की अगली सुनवाई और कोर्ट के फैसले पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। अब देखना यह होगा कि अमित शाह पर की गई टिप्पणी राहुल गांधी को कितनी भारी पड़ती है, या वह खुद को निर्दोष साबित कर पाते हैं।
रिपोर्ट: अंकुश यादव











