Lucknow News: उत्तर प्रदेश विद्युत मजदूर संगठन की केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक रविवार को प्रदेश अध्यक्ष विमल चन्द्र पांडेय की अध्यक्षता में लखनऊ स्थित संगठन के केंद्रीय कार्यालय, नरही में संपन्न हुई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि राज्य में बिजली के प्राइवेटाइजेशन का विरोध हर स्तर पर किया जाएगा और इसे तत्काल निरस्त करने की मांग की जाएगी।
बिजली उपभोक्ताओं और कर्मचारियों के लिए नुकसानदायक
बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि बिजली के निजीकरण से आम उपभोक्ताओं और किसानों की बिजली दरों में वृद्धि होगी, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित होगी। साथ ही, नियमित कर्मचारियों की सेवा शर्तों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इसके अतिरिक्त, निजीकरण के चलते कर्मचारियों की छंटनी और हजारों संविदा कर्मियों की संभावित बेरोजगारी से उनके परिवारों का जीवन संकट में आ सकता है।
निजीकरण की प्रक्रिया निरस्त करने की माँग
विद्युत मजदूर संगठन ने स्पष्ट किया कि बिजली के निजीकरण को किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। संगठन ने सरकार से आग्रह किया कि उपभोक्ताओं और कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस प्रक्रिया को तुरंत निरस्त किया जाए।
राष्ट्रीय स्तर पर विरोध की तैयारी
बिजली के निजीकरण के खिलाफ आगामी 23 फरवरी को नागपुर में बिजली कर्मचारियों, संविदा कर्मियों, जूनियर इंजीनियरों और अभियंताओं का राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। यह सम्मेलन नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स के बैनर तले होगा। इससे एक दिन पहले, 22 फरवरी को नागपुर में राष्ट्रीय कोर कमेटी की बैठक होगी। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों ने कहा कि निजीकरण के विरोध में प्रदेशभर में विभिन्न जनपदों और परियोजनाओं पर विरोध प्रदर्शन जारी रहेंगे। नागपुर सम्मेलन के बाद संघर्ष समिति आंदोलन की आगामी रणनीति की घोषणा करेगी।
बैठक में वरिष्ठ पदाधिकारियों की उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण बैठक में वरिष्ठ मजदूर नेता आर एस राय, मुख्य महामंत्री श्री चन्द्र, अरुण कुमार, शोएब हसन, आरसी पाल, इंद्रेश राय, हामिद रजा, राहुल कुमार, जितेंद्र कुमार, अजय भट्टाचार्य, अभिषेक सिंह, अवनीश श्रीवास्तव, सतीश तिवारी, उदयभान दुबे, राजीव रंजन राय, आरिफ वेग, विनोद कुमार, अहमद अली, अरविंद कुमार, मनीष श्रीवास्तव सहित कई अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।











