Moradabad News: शहर में भ्रष्टाचार का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (MDA) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हैरानी की बात यह है कि MDA कार्यालय से महज़ 200 मीटर की दूरी पर एक अवैध हॉस्पिटल खुलेआम संचालित हो रहा है, और अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं।
शोरूम के नक्शे पर बना दिया अस्पताल
जानकारी के मुताबिक, दिल्ली-मुरादाबाद हाईवे स्थित मांगूपुरा इलाके में “दीपा हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर” नाम से एक बहुमंजिला इमारत खड़ी है। जांच में यह बड़ा खुलासा हुआ कि इस इमारत का नक्शा शोरूम के रूप में पास कराया गया था, लेकिन वास्तविकता में इसे पूरा अस्पताल बना दिया गया। इस निर्माण में फायर एग्जिट, पार्किंग और सुरक्षा मानकों की पूरी तरह अनदेखी की गई है। इसके बावजूद, यह हॉस्पिटल महीनों से संचालित हो रहा है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह इमारत MDA के भ्रष्टाचार की जीती-जागती मिसाल बन चुकी है। लोगों का सवाल है कि जब प्राधिकरण की टीमें रोज़ाना शहर में अवैध निर्माण गिराने की कार्रवाई कर रही हैं, तो फिर अपने ही दफ्तर के पास बने इस अवैध हॉस्पिटल पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?
सूत्रों के अनुसार, संबंधित व्यक्ति ने अधिकारियों की जेब गरम करके नक्शा मंजूर करवाया था। इससे यह साफ झलकता है कि सिस्टम के अंदर “सेटिंग” और “समझौते” का खेल किस हद तक फैला हुआ है।
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांगी उच्चस्तरीय जांच
शहर के सामाजिक कार्यकर्ताओं और बुद्धिजीवियों ने इस मामले में उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यह सिर्फ एक अवैध अस्पताल का मामला नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार की पूरी कहानी है — जहाँ नियम-कायदों की जगह मिलीभगत और सेटिंग का बोलबाला है।
MDA सचिव ने दी सफाई, जांच जारी
इस मामले में जब MDA सचिव से बात की गई, तो उन्होंने पुष्टि की कि इस संबंध में शिकायत प्राप्त हुई है। सचिव ने बताया, “जोनल सचिव द्वारा जांच कराई जा रही है, रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।”
Author: Shivam Verma
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