Hapur News: गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र के मानक चौक गांव में लगभग दो महीने पहले हुई एक हत्या का पुलिस ने छानबीन के बाद खुलासा कर दिया है। जांच में सामने आया कि किसान तस्वीर की गोलीबारी उसके पराए नहीं बल्कि उसके अपने बेटे एवं उसके दो नाबालिग दोस्तों ने मिलकर की थी। परिवारिक मतभेद और बेटे की गलत संगत को लेकर बनी नाराजगी ही खून की वजह बनी।
बेटे की गलत संगत से परेशान था पिता
जानकारी के अनुसार मानक चौक निवासी किसान तस्वीर (नाम वही दिया गया) पिछले कुछ समय से अपने बेटे की गलत संगत से परेशान थे। घटना से एक दिन पहले तस्वीर ने अपने बेटे को समझाते हुए डांटा-फटकारा और हल्की-फुल्की मारपीट भी की थी। पुलिस के मुताबिक उसी विवाद के बाद बेटा नाराज होकर चला गया था और यह रंजिश अगले दिन खौफनाक रूप ले गई।
मारने के लिए झांसा देकर बुलाया गया
कोतवाल मनोज बालियान ने बताया कि 20 सितंबर 2025 को मृतक के बेटे और उसके दो नाबालिग साथियों (उम्र 16 और 15 वर्ष) ने मिलकर हत्या की योजना बनाई। 16 वर्षीय दोस्त ने तस्वीर को फ़ोन कर कहा कि उनका बेटा खेत के पास जंगल में आत्महत्या करने जा रहा है। यह बात सुनकर किसान तुरंत खेत की ओर दौड़े, वहां पहुंचकर वह बेटे को मनाने लगे – इसी दौरान पीछे से आकर दोनों नाबालिगों ने तस्वीर पर गोली चला दी।
गोली लगते ही तस्वीर जमीन पर गिर पड़े। पारिवारिक लोग उन्हें मेरठ अस्पताल लेकर पहुंचाए, जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। घटना के बाद स्थानीय पुलिस हत्यारों की तलाश में जुट गई थी, लेकिन दो महीने तक आरोपियों का सुराग नहीं मिल पाया। दैनिक जागरण में प्रकाशित एक समाचार के बाद सार्वजनिक दबाव के बीच पुलिस ने जांच तेज की।
गिरफ़्तारी और सबूत की बरामदगी
मुखबिर की सूचना मिलने पर पुलिस ने दोनों बाल अपराधी आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने साजिश और वारदात की बात स्वीकार की। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त 315 बोर का तमंचा और एक खोखा भी बरामद कर लिया है। आरोपित दोनों नाबालिग बताए जा रहे हैं और उन्हें बाल सुधार गृह भेजने की तैयारी चल रही है। जबकि मामले के मुख्य आरोपी – मृतक का बेटा – की भी तलाश व संबंधित तथ्य एकत्र किए जा रहे हैं।
पुलिस ने बताया कि तीनों आरोपियों की नाबालिग होने के कारण नियमों के अनुरूप कार्रवाई अत्यंत सावधानी से की जा रही है। मामले की आगे की जांच तथा आरोपितों की भूमिका के सभी पहलुओं को प्रमाणों के साथ जोड़ा जा रहा है ताकि कानूनी प्रक्रिया पूरी हो सके।
Author: Shivam Verma
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