Raebareli News: चंदापुर थाना क्षेत्र में हुए ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी को पुलिस ने तेज़ी से सुलझाते हुए मात्र 24 घंटे के भीतर बड़ा खुलासा कर दिया है। पुलिस ने हत्या में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक आरोपी अभी भी फरार है। यह वारदात रायबरेली के ओया गांव की है, जहाँ शुक्रवार को ट्यूबवेल की कोठरी से विनीत सिंह (35) का खून से लथपथ शव बरामद हुआ था।
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुँचकर साक्ष्य एकत्र किए। मृतक के भाई की तहरीर पर तत्काल एफआईआर दर्ज की गई और पुलिस तथा एसओजी की संयुक्त टीम ने आरोपियों की घेराबंदी शुरू कर दी।
गांजा पीने को लेकर शुरू हुई पुरानी रंजिश
पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह ने बताया कि इस हत्याकांड की जड़ें एक पुरानी रंजिश से जुड़ी थीं। मुख्य आरोपी प्रांजुल यादव अक्सर मृतक विनीत सिंह के पास गांजा पीने के लिए जाता था। 22 नवंबर को विनीत और प्रांजुल के बीच विवाद हुआ था, जिसमें विनीत ने गाली-गलौज करते हुए धमकाया था कि “यहाँ दिखे तो जमीन में दफन कर दूंगा।”
इस अपमान से आहत प्रांजुल ने बदला लेने की ठान ली और अपने साथियों — कुणाल, सूरज, शुभ (फरार) और जितेंद्र — के साथ मिलकर हत्या की साजिश रच डाली। सभी ने शराब पीने के बाद ओया गांव में विनीत को घेरने का फैसला किया।
लकड़ी की फंटी से हमला
घटना वाले दिन, सभी आरोपी उस ट्यूबवेल पर पहुँचे जहाँ विनीत गांजा पी रहा था। विनीत ने प्रांजुल को देखकर उसे गांजा पेश भी किया, लेकिन तभी कुणाल ने मौका पाते ही लकड़ी की फंटी से विनीत के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए।
हमले के बाद आरोपी वहाँ से भागने लगे, लेकिन कुछ दूर जाकर सूरज को याद आया कि उसका मोबाइल फोन स्थल पर ही छूट गया है। फोन लेने के लिए प्रांजुल और कुणाल दोबारा वापस पहुँचे तो उन्होंने देखा कि विनीत अभी भी तड़प रहा है। पकड़े जाने के डर से दोनों ने घायल विनीत को घसीटकर ट्यूबवेल की कोठरी में डाल दिया और वहाँ से फरार हो गए।
पुलिस ने चारों आरोपियों- प्रांजुल यादव, कुणाल, सूरज और जितेंद्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं पाँचवां आरोपी शुभ अब भी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
Author: Shivam Verma
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