Hamirpur News: हमीरपुर राजकीय स्पोर्ट्स स्टेडियम में आज आपदा प्रबंधन को लेकर व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। किसी भी संभावित आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जिला प्रशासन अलर्ट मोड में नजर आया। मॉक ड्रिल का उद्देश्य संकट के समय त्वरित प्रतिक्रिया, संसाधनों के समुचित उपयोग और विभागों के बीच समन्वय की क्षमता को परखना रहा।
विभिन्न विभागों की संयुक्त भागीदारी
इस अभ्यास में पुलिस विभाग, फायर ब्रिगेड, स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अमले ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया। आपदा की संभावित परिस्थितियों को वास्तविक रूप देकर राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास कराया गया। घायलों को सुरक्षित निकालने, मौके पर प्राथमिक उपचार देने और उन्हें त्वरित रूप से अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रियाओं का परीक्षण किया गया, ताकि वास्तविक स्थिति में किसी प्रकार की चूक न हो।
जिलाधिकारी घनश्याम मीणा स्वयं मौके पर पहुंचे और पूरी व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने प्रत्येक विभाग की भूमिका, प्रतिक्रिया समय और आपसी समन्वय की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाओं की प्रभावशीलता को परखा गया और आवश्यक सुधारों पर भी ध्यान दिया गया।
तैयारी को बताया सबसे बड़ा बचाव
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि आपदा के समय तैयारी ही सबसे बड़ा बचाव होती है। प्रशासन की इस पहल से यह संदेश स्पष्ट हुआ कि हमीरपुर किसी भी आपात स्थिति के लिए सजग और सक्षम है। जिलाधिकारी घनश्याम मीणा के नेतृत्व में जिला प्रशासन आपदा प्रबंधन को लेकर गंभीर और प्रतिबद्ध दिखाई दिया।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मॉक ड्रिल को नियमित अभ्यास का हिस्सा बनाया जाए, ताकि आपदा की स्थिति में सभी विभाग एकजुट होकर प्रभावी ढंग से कार्य कर सकें। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की कि आपदा के समय घबराने के बजाय सतर्कता और अनुशासन बनाए रखें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
यह मॉक ड्रिल प्रशासन की तैयारियों, समन्वय और जिम्मेदार नेतृत्व को दर्शाती हुई दिखाई दी, जिससे जिले की आपदा प्रबंधन क्षमता को और मजबूत करने का संदेश सामने आया।
Author: Shivam Verma
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