Bihar News: जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के नवनिर्वाचित 89 विधायकों ने बुधवार सुबह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को दोबारा विधायक दल का नेता चुन लिया। सीएम आवास पर आयोजित बैठक में सभी नव-निर्वाचित एलएलए ने एक स्वर में उनके नेतृत्व पर सहमति जताई। नीतीश कुमार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद वे राजभवन जाकर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। माना जा रहा है कि वे गुरुवार को गांधी मैदान में शपथ लेंगे और उनके साथ गठबंधन के पांच दलों के करीब डेढ़ दर्जन मंत्री भी शपथ ले सकते हैं।
बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए को दो तिहाई से भी ज्यादा बहुमत हासिल हुआ है। गठबंधन के 202 विधायक विधानसभा की लगभग 83 प्रतिशत सीटों पर प्रतिनिधित्व करते हैं, जिससे आने वाली सरकार का आधार और भी मजबूत हो गया है। इस बहुमत ने नीतीश कुमार के नेतृत्व को मजबूती प्रदान की है और यह संकेत दिया है कि आगामी कार्यकाल में एनडीए सरकार स्थिर तरीके से काम कर सकती है।
इसी बीच भाजपा (बीजेपी) भी अपने 89 विधायकों के साथ पार्टी दफ्तर में बैठक कर रही है, जिसमें विधानमंडल दल का नेता और उप-नेता चुने जाएंगे। आमतौर पर विधानमंडल दल का नेता उपमुख्यमंत्री के पद पर आसीन होता है। पिछली सरकार में सम्राट चौधरी नेता और विजय कुमार सिन्हा उप-नेता थे, और दोनों ही उपमुख्यमंत्री बने थे। बीजेपी के नए नेता चुने जाने के बाद शाम 3.30 बजे विधानसभा के सेंट्रल हॉल में एनडीए विधायक दल की संयुक्त बैठक होगी, जिसमें सभी पांच दलों के 202 विधायक नीतीश कुमार को औपचारिक रूप से अपना नेता घोषित करेंगे। इसके बाद नीतीश कुमार राजभवन जाकर सरकार गठन का दावा प्रस्तुत करेंगे।
नीतीश कुमार की राजनीतिक यात्रा Bihar की राजनीति में हमेशा निर्णायक रही है। वे पहली बार वर्ष 2000 में एक सप्ताह के लिए मुख्यमंत्री बने थे, लेकिन सरकार जल्द गिर गई थी। इसके बाद 2005 में वे बहुमत के साथ एनडीए के मुखिया बने और लगातार आठ साल से अधिक समय तक सत्ता में बने रहे। 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने बीजेपी से नाता तोड़ लिया था, लेकिन चुनाव में जेडीयू की हार के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पद छोड़ दिया और जीतनराम मांझी को जिम्मेदारी सौंपी। कुछ समय बाद मांझी को हटाकर वे चौथी बार महागठबंधन सरकार के मुख्यमंत्री बने। 2022 में वे फिर महागठबंधन के साथ हो गए, जबकि 2024 में उन्होंने दोबारा एनडीए का दामन थाम लिया। अब वे अपने नेतृत्व में बिहार की दसवीं सरकार बनाने जा रहे हैं, जबकि यह एनडीए की आठवीं सरकार होगी।
Author: Shivam Verma
Description











