UP BJP New President: उत्तर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर अहम मोड़ पर खड़ी है। लखनऊ स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में गहमागहमी बढ़ चुकी है और नेताओं की लगातार आवाजाही के बीच सभी की निगाहें उस चेहरे पर टिकी हैं, जो पार्टी की प्रदेश इकाई की कमान संभालेगा। शनिवार से शुरू हो रही औपचारिक प्रक्रिया और रविवार को होने वाली घोषणा के साथ ही यूपी भाजपा को नया प्रदेश अध्यक्ष मिल जाएगा। सियासी माहौल कुछ ऐसा है मानो फैसला लगभग तय हो चुका हो और अब सिर्फ औपचारिक ऐलान बाकी है।
आज नामांकन, कल बड़े मंच से घोषणा
उत्तर प्रदेश भाजपा के 18वें प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया शनिवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय, लखनऊ में नामांकन के साथ शुरू हो रही है। रविवार को एक औपचारिक और बड़े आयोजन के बीच नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम की घोषणा की जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया के लिए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को केंद्रीय चुनाव अधिकारी नियुक्त किया गया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, कई नामों पर मंथन जरूर हुआ, लेकिन अब तस्वीर लगभग साफ मानी जा रही है।
पंकज चौधरी क्यों हैं सबसे मजबूत दावेदार
शुक्रवार देर रात तक संगठन के भीतर पंकज चौधरी का नाम सबसे मजबूत दावेदार के रूप में उभरकर सामने आया। फिलहाल वे केंद्र सरकार में वित्त राज्य मंत्री हैं और भाजपा के प्रमुख कुर्मी नेताओं में गिने जाते हैं। महराजगंज लोकसभा सीट से वे सात बार सांसद चुने जा चुके हैं। उनका राजनीतिक सफर 1989 में शुरू हुआ था, जब उन्होंने गोरखपुर नगर निगम में पार्षद का चुनाव जीता। इसके बाद संगठन और सरकार—दोनों स्तरों पर उन्होंने अपनी पकड़ लगातार मजबूत की।
दो साल पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उनके घर जाना भी सियासी हलकों में काफी चर्चा में रहा था, जिसे पंकज चौधरी की बढ़ती राजनीतिक हैसियत के संकेत के तौर पर देखा गया।
नामांकन के समय में बदलाव, बढ़ी उत्सुकता
शनिवार को केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी दिल्ली से लखनऊ पहुंचेंगे। वे चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से सीधे प्रदेश भाजपा कार्यालय जाकर नामांकन दाखिल करेंगे। उल्लेखनीय है कि नामांकन के लिए पहले तय समय में बदलाव किया गया है। पहले यह प्रक्रिया दोपहर दो से तीन बजे के बीच प्रस्तावित थी, लेकिन अब इसे आगे बढ़ाए जाने की चर्चा है। इस बदलाव ने राजनीतिक गलियारों में उत्सुकता और अटकलों को और तेज कर दिया है।
संगठन में बैठकों का दौर
प्रदेश अध्यक्ष चुनाव कार्यक्रम घोषित होते ही भाजपा संगठन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। शुक्रवार को भाजपा के राष्ट्रीय संगठन मंत्री बीएल संतोष लखनऊ पहुंचे और सबसे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। इसके बाद प्रदेश भाजपा कार्यालय में चुनाव को लेकर अहम बैठक हुई। शाम को बीएल संतोष की अगुवाई में प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह और दोनों उपमुख्यमंत्रियों के साथ बैठक हुई, जिसमें केंद्रीय संगठन के निर्देशों और चुनावी प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की गई।
ओबीसी नेतृत्व पर पार्टी का फोकस
प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर भाजपा का झुकाव साफ तौर पर ओबीसी चेहरे की ओर दिखाई दे रहा है। विपक्ष की पीडीए यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक राजनीति के जवाब में पार्टी एक बार फिर ओबीसी नेतृत्व पर भरोसा जताने की रणनीति पर आगे बढ़ती नजर आ रही है। इसी क्रम में पंकज चौधरी के साथ स्वतंत्र देव सिंह, धर्मपाल सिंह, बीएल वर्मा, बाबू राम निषाद, रेखा वर्मा और साध्वी निरंजन ज्योति जैसे नाम भी चर्चा में रहे हैं।
Author: Shivam Verma
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