Bulandshahr News: जिले के पहासू थाने पर धरना-प्रदर्शन करने के मामले में पुलिस ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष सहित 15 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान सड़क जाम किया गया और सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की गई।
गन्ना ट्रॉला चालक को लेकर शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, 23 मार्च 2026 की देर शाम कांग्रेस कार्यकर्ता शाहिद अल्वी और एक गन्ना ट्रॉला चालक के बीच जाम लगने को लेकर कहासुनी हो गई थी। इसके बाद पहासू चौकी इंचार्ज और पुलिसकर्मियों ने ट्रॉला चालक को छोड़ दिया, जबकि कांग्रेस कार्यकर्ता के साथ कथित तौर पर चौराहे पर मारपीट की गई और उसे थाने लाकर लॉकअप में बंद कर दिया गया।
एकतरफा कार्रवाई के आरोप में हुआ प्रदर्शन
घटना की सूचना मिलने पर देर रात करीब 11 बजे कांग्रेस जिलाध्यक्ष जियाउर्रहमान कदीम थाने पहुंचे। उन्होंने कार्यकर्ता की रिहाई की मांग की और पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया। इसी के विरोध में थाने पर धरना-प्रदर्शन शुरू किया गया।
आरोप है कि इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने थाने के बाहर सड़क पर जाम लगाया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ और सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न हुई। इस घटना के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में रोष का माहौल है और मामले की जानकारी पार्टी के प्रदेश नेतृत्व को भी दे दी गई है।
इन लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
पहासू थाने में तैनात उपनिरीक्षक रवि कुमार की तहरीर पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष जियाउर्रहमान कदीम (पुत्र साबू), छंगा (पुत्र अनीस), पासा और उरुज (पुत्रगण अजमल उर्फ छोटे), परवेज (पुत्र नफीसा), सलमान, कासिम, कुलदीप पचौरी, नरेश वाल्मीकि, सगीर सहित 5-6 अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 189(2), 221, 285 और 352 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
Author: Shivam Verma
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