म्यांमार और थाईलैंड में शुक्रवार को आए शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार, अब तक 694 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 1,670 लोग घायल हुए हैं। अमेरिकी भूगर्भ एजेंसी (USGS) ने इस आपदा में 10 हजार से ज्यादा मौतों की आशंका जताई है।
म्यांमार और थाईलैंड में हाहाकार
म्यांमार के अधिकारियों ने बताया कि भूकंप के बाद राहत और बचाव कार्य जारी है, लेकिन गृहयुद्ध के कारण राहत कार्यों में मुश्किलें आ रही हैं। राजधानी बैंकॉक को आपदा क्षेत्र घोषित किया गया है, वहीं म्यांमार की सैन्य सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में आपातकाल लागू कर दिया है।
थाईलैंड की सरकार ने मरने वालों की संख्या को लेकर अपडेट जारी किया है, जिसमें बताया गया कि पहले जो आंकड़ा 10 था, उसे संशोधित कर 6 कर दिया गया है। 22 लोग घायल हैं और 101 लोग लापता बताए जा रहे हैं।
आपातकालीन राहत कार्य और अंतरराष्ट्रीय सहायता
म्यांमार के सैन्य शासन प्रमुख जनरल मिन आंग ह्लाइंग ने अंतरराष्ट्रीय मदद की अपील की है। उन्होंने कहा कि “किसी भी देश” से सहायता और दान स्वीकार किया जाएगा। चीन ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए 37 विशेषज्ञों की आपदा प्रतिक्रिया टीम म्यांमार भेज दी है। ये टीम राहत और बचाव कार्य में मदद करेगी और अत्याधुनिक बचाव उपकरणों से लैस होगी।
चश्मदीदों ने बताई तबाही की कहानी
भूकंप के दौरान म्यांमार और थाईलैंड के कई इलाकों में हाहाकार मच गया। बैंकॉक में एक स्कॉटिश पर्यटक ने बताया, “अचानक पूरी इमारत हिलने लगी। लोग डर से चीखने लगे और सड़कों की ओर दौड़ पड़े।” सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और तस्वीरों में टूटे मकान और जमींदोज हुई इमारतें देखी जा सकती हैं।
मांडले शहर में कई घर और इमारतें धराशायी हो गईं। बैंकॉक में ऊंची इमारतों के स्विमिंग पूल से पानी गिरने लगा, जिससे वहां मौजूद लोग और ज्यादा डर गए। भूकंप के झटके लगातार महसूस किए गए, जिससे लोगों में दहशत का माहौल बना रहा।
गृहयुद्ध के बीच आई इस आपदा ने बढ़ाई मुश्किलें
म्यांमार में पहले से ही गृहयुद्ध चल रहा है, जिससे राहत और बचाव कार्यों में बाधाएं आ रही हैं। युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में जाने के लिए राहत दलों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। अधिकारियों ने आशंका जताई है कि मरने वालों की सही संख्या कभी सामने नहीं आ पाएगी।
आंग सान सू की सुरक्षित, जेल में ही मौजूद
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, म्यांमार की जेल में बंद नेता आंग सान सू की पूरी तरह सुरक्षित हैं। भूकंप से उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचा है, और वे राजधानी नेपीडा की जेल में ही हैं। बता दें कि 2021 में सैन्य तख्तापलट के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था और उन्हें 50 साल से ज्यादा की सजा सुनाई गई है।
भूकंप की तीव्रता और प्रभाव
यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के अनुसार, इस भूकंप की गहराई 10 किलोमीटर थी, जिससे इसका असर बेहद व्यापक रहा। भूकंप के झटकों ने न केवल म्यांमार और थाईलैंड बल्कि आसपास के देशों में भी हलचल मचाई।

Author: Shivam Verma
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