लोकेशन : गोड्डा, झारखंड
रिपोर्टर : सोनू कुमार
Godda News : झारखंड के गोड्डा जिला अंतर्गत मेहरमा प्रखंड क्षेत्र के सिंघाड़ी पंचायत से एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें एक वार्ड सदस्य पर अपने पद और सरकारी मोहर के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाया गया है। मामला जाति प्रमाण पत्र (कास्ट सर्टिफिकेट) से जुड़ा है, जिसने पूरे क्षेत्र में प्रशासनिक पारदर्शिता और भ्रष्टाचार को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोप है कि बिना वैध दस्तावेज़ के एक व्यक्ति का जाति प्रमाण पत्र बनवाया गया। शिकायतकर्ता ने बताया कि आवेदनकर्ता के पास झारसेवा आईडी (JharSeva ID) भी उपलब्ध नहीं थी, जबकि झारखंड सरकार के नियमों के अनुसार जाति प्रमाण पत्र के लिए आवेदन केवल कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से ही किया जा सकता है।
बताया जा रहा है कि आवेदन प्रक्रिया में न तो पावती (रसीद) दी गई और न ही पूरा फॉर्म भरा गया। आवेदन पत्र में फोटो, हस्ताक्षर और अन्य आवश्यक दस्तावेज़ शामिल नहीं थे, फिर भी प्रमाण पत्र तैयार कर दिया गया। इस पूरे मामले में वार्ड सदस्य द्वारा अपने पद और मोहर के कथित दुरुपयोग की बात सामने आई है।
इस संबंध में आवेदनकर्ता अक्षय कुमार ने लिखित शिकायत उपायुक्त (DC), गोड्डा को सौंप दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी कार्यालयों में बिना पैसा दिए कोई काम नहीं होता। उन्होंने कहा कि जिनके पास पैसा होता है, उनके पास दस्तावेज़ हों या न हों, प्रमाण पत्र बन जाता है, जबकि गरीब और जरूरतमंद लोगों से पहले सभी कागजात और शर्तें पूरी करने को कहा जाता है। अक्षय कुमार ने इसे सरकारी व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार का “जीता-जागता उदाहरण” बताया।
यह मामला प्रशासनिक कार्यप्रणाली, पंचायत स्तर पर जिम्मेदार पदों के दुरुपयोग और आम जनता के साथ हो रहे भेदभाव को उजागर करता है। फिलहाल, इलाके के लोग प्रशासन से निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अब देखना यह है कि उपायुक्त गोड्डा इस गंभीर शिकायत पर कब तक कार्रवाई करते हैं और दोषियों पर उचित कदम उठाते हैं।











