Jhansi News: झांसी शहर के झांसी खास इलाके में स्थित अंजनी माता मंदिर के सामने, नगर निगम की जमीन पर अवैध रूप से कॉलोनी बसाई जा रही है। यह जमीन सरकारी रिकॉर्ड में आराजी नंबर 816, 1398 और 1401 के नाम से दर्ज है। इन जमीनों पर कब्जा करके उन्हें प्लॉटों में बाँटकर बेचा जा रहा है। यह सिलसिला कई महीनों से जारी है और इस दौरान संबंधित विभागों को लगातार शिकायतें भी मिल रही हैं, मगर प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम अब तक नहीं उठाया गया है।
झांसी के नगर पालिका से नगर निगम बनने के बाद शहर में शामिल हुई ग्राम सभाओं की जमीनों पर बड़े पैमाने पर कब्जा किया गया। कई जगहों पर इन जमीनों पर कॉलोनियां और मोहल्ले बसा दिए गए हैं। अब यही प्रक्रिया झांसी खास में भी देखने को मिल रही है, जहाँ जमीन माफिया सरकारी ज़मीन पर खुलेआम प्लाटिंग कर रहे हैं और मकान भी तैयार किए जा रहे हैं।
प्रशासन की आंखों के सामने जमीन पर कब्जा
नगरिया कुंआ और दांगी के बगीचे के सामने की आराजी नंबर 1398 व 1401 पर सबसे अधिक अतिक्रमण देखा गया है। यहां एक भू-कारोबारी ने बाकायदा एक ऑफिस बनाकर खुलेआम जमीन की प्लाटिंग की और उन्हें बेच भी दिया। बताया जा रहा है कि उक्त भू-कारोबारी ने कुछ जमीनों की रजिस्ट्री खुद करवाई और कुछ की रजिस्ट्री अन्य खातेदारों के नाम से कराकर बिक्री की।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि इस पूरे प्रकरण से नगर निगम को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। इतना ही नहीं, अभी भी आराजी नंबर 1398 भू-कारोबारी के कब्जे में है और वह इसे बेचने की कोशिश में लगा है। यदि यह जमीन भी बेची जाती है, तो नगर निगम को दोबारा करोड़ों रुपये की चपत लग सकती है।
राजनीतिक संरक्षण पर उठ रहे सवाल
स्थानीय नागरिकों और शिकायतकर्ताओं का यह भी कहना है कि जमीनों पर कब्जा करने वाले कुछ लोगों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। एक भू-कारोबारी खुद को एक जनप्रतिनिधि का करीबी बताता है, जिससे अब तक उस पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। वहीं, दूसरा व्यक्ति पूर्व में छात्र नेता रह चुका है और वर्तमान में सत्ताधारी दल से अपने संबंधों का हवाला देता है।
हाल ही में एक नागरिक ने जिलाधिकारी को पत्र देकर पूरे मामले की शिकायत की। पत्र में स्पष्ट किया गया कि आराजी नंबर 1398 व 1401 की जमीन पर कब्जा करके उसे अवैध रूप से बेचा गया है। शिकायतकर्ता ने नगर निगम से अपील की है कि इन आराजियों को तत्काल प्रभाव से सुरक्षित किया जाए और दोषी भू-कारोबारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
विधायक के बेटे पर टिप्पणी
मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब एक विधायक के प्रतिनिधि द्वारा कथित रूप से विधायक के बेटे को गालियाँ देने की बात सामने आई। प्रतिनिधि का कहना था कि वह जमीन पर से कब्जा नहीं हटाएगा, क्योंकि उसके पास लखनऊ से लेकर दिल्ली तक मजबूत राजनीतिक संपर्क हैं। उसने यह भी दावा किया कि वह नेताओं को “सुविधा शुल्क” देकर हर प्रकार की सेवा उपलब्ध कराता है और इसी वजह से अरबपति बन गया है।
नगर निगम से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि झांसी खास की सरकारी जमीनों पर हो रहे अतिक्रमण की गंभीरता को देखते हुए जल्द ही जांच के आदेश दिए जा सकते हैं। अधिकारी का यह भी कहना था कि वे स्वयं मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लेंगे और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

Author: Shivam Verma
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