संवाददाता : सोनू कुमार
लोकेशन: रांची, झारखंड
Jharkhand News : झारखंड सैफ बटालियन के अनुबंधित रिटायर सैनिकों का भविष्य संकट में है। वर्ष 2008 से केंद्र एवं राज्य सरकार की संयुक्त योजना के तहत कम उम्र में रिटायर हुए सैनिकों को उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में सहायक पुलिस कर्मी के रूप में अनुबंध पर बहाल किया गया था। इन जवानों को समय-समय पर अनुबंध बढ़ाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन हाल ही में 62/65 वर्ष की आयु सीमा को लेकर उत्पन्न भ्रम और उच्च न्यायालय के फैसले के बाद कई जवानों को 7 वर्षों की सेवा पूरी करने के बाद घर भेज दिया गया।
अनुबंध समाप्ति से बेरोजगारी का संकट
प्रभावित जवानों का कहना है कि उनकी उम्र अब 45 से 55 वर्ष के बीच है और वे बेरोजगार होने के कारण अपने परिवार और बच्चों की उच्च शिक्षा, भरण-पोषण और आर्थिक भविष्य के संकट में हैं। इनमें से अधिकांश जवान ग्रामीण एवं पहाड़ी क्षेत्रों से आते हैं और उन्होंने अपने जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा राज्य की सेवा में समर्पित किया है।
सरकार से पुनर्विचार की अपील
झारखंड सैफ परिवार और रिटायर सैनिक संघ ने माननीय मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि मानवीय और सामाजिक दृष्टिकोण अपनाते हुए अनुबंध समाप्ति के आदेश को तत्काल रोका जाए और अनुबंध को मूल शर्तों के अनुसार मई 2027 तक बहाल किया जाए। उनका तर्क है कि प्रशिक्षित और अनुभवी सैनिकों को बेरोजगार करना न केवल अन्यायपूर्ण है, बल्कि राज्य की नीति के भी विपरीत है। यदि सरकार यह निर्णय लेती है, तो हजारों परिवारों का भविष्य सुरक्षित होगा और सैनिक जीवन भर सरकार के आभारी रहेंगे।











