LaGuardia Airport Plane Crash: न्यूयॉर्क के लागुआर्डिया एयरपोर्ट पर रविवार की आधी रात को एक ऐसा मंजर देखने को मिला जिसे याद कर आज भी लोगों की रूह कांप जाती है। एक तरफ मौत अपना जबड़ा खोले खड़ी थी और दूसरी तरफ कुदरत का वो करिश्मा हुआ जिसे देख वैज्ञानिक भी हैरान हैं। मॉन्ट्रियल से आ रहा 72 यात्रियों और क्रू मेंबर्स से भरा एक विमान लैंडिंग के दौरान अचानक एक भारी-भरकम फायर ट्रक से जा टकराया। टक्कर इतनी भीषण थी कि विमान के परखच्चे उड़ गए, लेकिन इस मलबे और आग के बीच से एक ऐसी कहानी निकलकर आई है जिसने पूरी दुनिया को ‘चमत्कार’ शब्द पर भरोसा करने को मजबूर कर दिया है। एक फ्लाइट अटेंडेंट अपनी सीट पर बंधी होने के बावजूद प्लेन से टूटकर 330 फीट दूर जा गिरी, लेकिन उसकी सांसें अब भी चल रही हैं।
आधी रात का वो खौफनाक मंजर और फायर ट्रक की गलती
यह पूरी घटना किसी डरावनी फिल्म के सीन जैसी लगती है। एयर कनाडा एक्सप्रेस का सीआरजे-900 विमान सुरक्षित लैंडिंग की तैयारी कर रहा था। उसी वक्त रनवे पर एक फायर ट्रक एक दूसरे विमान की जांच करने के लिए जा रहा था, जिसमें से ‘अजीब गंध’ आने की शिकायत मिली थी। सर्विलांस फुटेज में साफ दिख रहा है कि कैसे आधी रात के ठीक पहले वो फायर ट्रक रनवे पार कर रहा था और तभी तेज रफ्तार विमान उससे टकरा गया। इस जबरदस्त टक्कर के बाद दोनों वाहन फुटबॉल की तरह रनवे पर लुढ़कने लगे। चीख-पुकार और धुएं के गुबार के बीच हर तरफ तबाही का मंजर था। इस दर्दनाक हादसे में विमान के पायलट और को-पायलट ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जिससे पूरे एयरपोर्ट प्रशासन में हड़कंप मच गया।
330 फीट दूर गिरी सोलांगे, मौत को छूकर लौटी जिंदगी
हादसे के बाद जब रेस्क्यू टीम मलबे की तलाश में रनवे पर आगे बढ़ी, तो उन्हें मुख्य फ्लाइट अटेंडेंट सोलांगे ट्रेम्बले एक ऐसी जगह मिलीं जहाँ किसी के जिंदा बचने की उम्मीद शून्य थी। सोलांगे अपनी जंप सीट पर बेल्ट से बंधी हुई थीं, लेकिन टक्कर का दबाव इतना ज्यादा था कि विमान का वो हिस्सा टूटकर मुख्य मलबे से 330 फीट दूर जाकर गिरा। उनकी बेटी सारा लेपिन ने कनाडाई न्यूज चैनल को बताया कि जब बचाव दल सोलांगे के पास पहुंचा, तो वे अपनी सीट पर उसी हाल में बंधी मिलीं। इतनी दूर गिरने और विमान के टकराने के बावजूद सोलांगे की जान बच गई। हालांकि, इस भयानक झटके की वजह से उनके एक पैर में कई गंभीर फ्रैक्चर हुए हैं और उन्हें अब एक बड़ी सर्जरी से गुजरना होगा।
फरिश्ते ने बचाई जान या था कोई दैवीय चमत्कार?
सोलांगे की बेटी सारा इस बात को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं कि यह सिर्फ एक इत्तेफाक था। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि उन्हें पूरा यकीन है कि उस रात उनकी माँ की रक्षा कोई फरिश्ता कर रहा था। इतनी ऊंचाई और रफ्तार के बीच प्लेन से अलग होकर 330 फीट दूर गिरने के बाद भी जिंदा रहना किसी ईश्वरीय हस्तक्षेप से कम नहीं है। अस्पताल में भर्ती सोलांगे अब खतरे से बाहर हैं, लेकिन पायलट और को-पायलट की मौत ने इस चमत्कार की खुशी को गम में बदल दिया है। फिलहाल प्रशासन इस बात की जांच कर रहा है कि आखिर उस वक्त रनवे पर फायर ट्रक को जाने की इजाजत किसने दी और इतनी बड़ी सुरक्षा चूक कैसे हुई।










