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Lucknow News: ‘बाम्बे पावभाजी’ पर आयकर विभाग का सर्वे, ‘पेटपूजा ऐप’ के जरिए 70,000 करोड़ की टैक्स चोरी का खुलासा

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Lucknow News: लखनऊ के लोकप्रिय रेस्टोरेंट बाम्बे पावभाजी के कई आउटलेट्स पर आयकर विभाग ने रविवार को बड़ी कार्रवाई की। देशभर में सामने आए एक बड़े टैक्स चोरी सिंडिकेट की जांच के बाद विभाग ने हजरतगंज और गोमतीनगर समेत तीन आउटलेट्स पर एक साथ सर्वे शुरू किया। प्रारंभिक जांच में रेस्टोरेंट के बिलिंग सिस्टम और रिकॉर्ड में करोड़ों रुपये की कर चोरी के संकेत मिले हैं।

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यह कार्रवाई मुख्य रूप से ‘पेटपूजा’ सॉफ्टवेयर के डेटा विश्लेषण के आधार पर की जा रही है। आयकर विभाग के अनुसार, इस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर कई रेस्टोरेंट्स ने अपनी वास्तविक बिक्री छिपाकर टैक्स से बचने की कोशिश की।

पेटपूजा सॉफ्टवेयर के जरिए डिजिटल कर चोरी का खुलासा

आयकर महानिदेशक (जांच), हैदराबाद की टीम ने पेटपूजा सॉफ्टवेयर से जुड़े परिसरों पर कार्रवाई करते हुए 160 टेराबाइट से अधिक डेटा और बैकअप जब्त किया। इस डेटा का विश्लेषण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से किया गया।

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि कई रेस्टोरेंट्स ने सॉफ्टवेयर में मौजूद सिस्टमेटिक फीचर्स का उपयोग कर अपनी वास्तविक बिक्री को छिपाया और आयकर रिटर्न में कम टर्नओवर दिखाया। एआई आधारित प्रारंभिक विश्लेषण के अनुसार, इस तकनीक के जरिए देशभर में लगभग 70,000 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी की गई है।

हजरतगंज और विभूति खंड में आयकर विभाग की कार्रवाई

हैदराबाद से प्राप्त डेटा के आधार पर जिन रेस्टोरेंट्स पर शक जताया गया, उनमें लखनऊ के हजरतगंज स्थित बाम्बे पावभाजी आउटलेट का नाम भी शामिल है। इसके बाद आयकर महानिदेशक (जांच), लखनऊ की टीम ने रविवार को हजरतगंज और विभूति खंड स्थित प्रतिष्ठानों पर एक साथ सर्वे किया।

इस कार्रवाई में दो दर्जन से अधिक टीमें लगी हुई हैं। आयकर अधिकारी रेस्टोरेंट के बिलिंग सिस्टम, स्टॉक रजिस्टर और वास्तविक बिक्री रिकॉर्ड का मिलान कर रहे हैं ताकि कर चोरी के सटीक आंकड़े सामने आ सकें।

तकनीकी हेराफेरी का डिजिटल मॉडल

जांच में यह भी सामने आया कि यह मामला केवल लखनऊ तक सीमित नहीं है, बल्कि देशभर के कई रेस्टोरेंट्स इस नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, पेटपूजा सॉफ्टवेयर में मौजूद ‘पैरेलल क्लाउड’ और ‘डिलीटेड इन्वेंट्री’ जैसे फीचर्स का इस्तेमाल कर बिक्री से जुड़ा डेटा सर्वर से हटाया जाता था।

इस तकनीक के जरिए सरकारी रिकॉर्ड में वास्तविक टर्नओवर कम दिखाई देता था। अब आयकर विभाग उन तकनीकी विशेषज्ञों की भी तलाश कर रहा है, जिन्होंने रेस्टोरेंट मालिकों को इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से कर चोरी करने का तरीका सिखाया।

क्या है ‘पेटपूजा’ सॉफ्टवेयर

पेटपूजा एक क्लाउड-आधारित POS (Point of Sale) रेस्टोरेंट मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर है, जिसका इस्तेमाल रेस्टोरेंट्स में बिलिंग और संचालन प्रबंधन के लिए किया जाता है। यह सॉफ्टवेयर कई सुविधाओं के साथ एक ही प्लेटफॉर्म पर काम करता है।

इसमें फास्ट बिलिंग सिस्टम के तहत KOT जनरेट करने और मल्टी-प्रिंटर सपोर्ट की सुविधा होती है। इसके अलावा इन्वेंट्री मैनेजमेंट के जरिए स्टॉक और कच्चे माल के आधार पर मेनू का प्रबंधन किया जा सकता है। यह सॉफ्टवेयर Swiggy और Zomato जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के साथ भी इंटीग्रेट हो सकता है, जिससे ऑनलाइन ऑर्डर्स का प्रबंधन आसान होता है।

साथ ही इसमें रिपोर्ट और एनालिटिक्स के माध्यम से बिक्री, कर्मचारियों के प्रदर्शन और सबसे ज्यादा बिकने वाले आइटम्स की विस्तृत रिपोर्ट भी उपलब्ध होती है।

पेटपूजा सॉफ्टवेयर का उपयोग रेस्टोरेंट्स, कैफे, बेकरी, फूड ट्रक और क्लाउड किचन जैसे कई फूड बिजनेस में किया जाता है। आयकर विभाग की यह कार्रवाई आने वाले दिनों में शहर के अन्य बड़े रेस्टोरेंट्स तक भी पहुंच सकती है।

Shivam Verma
Author: Shivam Verma

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