Lucknow News: उत्तर प्रदेश में विकास कार्यों की गति और गुणवत्ता को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुरू किया गया सीएम डैशबोर्ड अब एक सशक्त निगरानी प्रणाली के रूप में उभर कर सामने आया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश बीते नौ वर्षों से समग्र विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस दौरान न केवल बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हुआ है, बल्कि समाज के सभी वर्गों के उत्थान पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
सीएम योगी की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने में सीएम डैशबोर्ड महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस डैशबोर्ड के माध्यम से जनसुनवाई, जन कल्याणकारी योजनाओं और राजस्व से जुड़े कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है। इससे जिलों में प्रशासनिक दक्षता बढ़ी है और बेहतर मानक स्थापित हो रहे हैं। मार्च माह की रिपोर्ट के अनुसार, हमीरपुर ने पूरे प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है, जबकि बरेली दूसरे और रामपुर तीसरे स्थान पर रहा।
49 विभागों के 110 कार्यक्रमों की नियमित समीक्षा
सीएम डैशबोर्ड के जरिए हर महीने जिलों के राजस्व कार्यों, विकास योजनाओं और कानून-व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की जाती है। इस प्रक्रिया में प्रदेश के 49 विभागों के 110 कार्यक्रमों का विभिन्न मानकों पर मूल्यांकन किया जाता है। इसके आधार पर जिलों की रैंकिंग तय की जाती है।
मार्च की रिपोर्ट के अनुसार हमीरपुर ने 10 में से 9.55 अंक प्राप्त कर शीर्ष स्थान हासिल किया है। वहीं बरेली को 9.54 अंक के साथ दूसरा स्थान मिला। रामपुर ने 9.51 अंक प्राप्त कर तीसरा स्थान प्राप्त किया। जिलाधिकारी रामपुर अजय कुमार द्विवेदी के अनुसार यह रिपोर्ट उन जिलों के प्रदर्शन को दर्शाती है, जिन्होंने प्रशासनिक दक्षता, विकास कार्यों और राजस्व प्रबंधन में बेहतर काम किया है।
टॉप जिलों में मैनपुरी और हरदोई भी शामिल
सीएम डैशबोर्ड की ताजा रिपोर्ट में मैनपुरी चौथे और हरदोई पांचवें स्थान पर रहे हैं। इसके अलावा शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, जालौन, सोनभद्र और कौशांबी ने भी टॉप टेन जिलों में अपनी जगह बनाई है। जिलाधिकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप रामपुर में विकास कार्यों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जा रहा है। यही वजह है कि रामपुर लगातार कई महीनों से टॉप टेन जिलों में बना हुआ है।
रियल-टाइम मॉनिटरिंग से बढ़ी कार्यक्षमता
सीएम डैशबोर्ड की सबसे बड़ी विशेषता इसकी रियल-टाइम मॉनिटरिंग प्रणाली है। इसके जरिए सभी प्रमुख विकास योजनाओं और परियोजनाओं की प्रगति पर लगातार नजर रखी जाती है। अधिकारियों को हर स्तर पर तुरंत जानकारी मिलती है, जिससे किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही पर तुरंत सुधारात्मक कार्रवाई संभव हो पाती है।
इस व्यवस्था के लागू होने के बाद जहां पहले परियोजनाओं के समय पर पूरा न होने की समस्या सामने आती थी, वहीं अब कार्यों में तेजी और गुणवत्ता दोनों में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रहा है।
Author: Shivam Verma
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