PM Modi Lok Sabha speech today: पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ईरान में बढ़ती जंग की स्थिति का प्रभाव अब वैश्विक ऊर्जा बाजार पर साफ दिखने लगा है। भारत जैसे बड़े ऊर्जा आयातक देश के लिए यह स्थिति चिंता का विषय बन गई है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दोपहर 2 बजे लोकसभा में इस मुद्दे पर महत्वपूर्ण बयान देने जा रहे हैं।
PM Modi Lok Sabha speech today: पीएम अपने संबोधन में देश को देंगे ये जानकारी
जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री अपने संबोधन में देश को यह जानकारी देंगे कि ईरान में जारी संघर्ष के कारण कच्चे तेल और गैस की सप्लाई पर कितना असर पड़ा है और भारत के सामने किस तरह की चुनौतियां खड़ी हो रही हैं। इसके साथ ही वे यह भी स्पष्ट करेंगे कि सरकार इस संभावित संकट से निपटने के लिए क्या रणनीति अपना रही है।
रविवार को ही प्रधानमंत्री मोदी ने इस विषय पर एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई थी, जिसमें पेट्रोलियम मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इस बैठक में ऊर्जा आपूर्ति की मौजूदा स्थिति, वैकल्पिक स्रोतों की उपलब्धता और कीमतों पर पड़ने वाले असर को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
विशेषज्ञों की महत्वपूर्ण राय
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान में हालात बिगड़ने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आ सकता है, जिसका सीधा असर भारत में पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतों पर पड़ेगा। हालांकि, सरकार पहले से ही आपूर्ति को स्थिर बनाए रखने के लिए रणनीतिक भंडार (Strategic Reserves) और अन्य देशों से आयात बढ़ाने जैसे विकल्पों पर काम कर रही है।
सरकार के मुताबिक, भारत ने बीते कुछ सालों में ऊर्जा आपूर्ति के स्रोतों में विविधता लाई है, जिससे किसी एक क्षेत्र में संकट आने पर देश पर सीधा प्रभाव कम हो। इसके अलावा, घरेलू स्तर पर वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों जैसे सौर और पवन ऊर्जा को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
आगामी दिनों में तेल-गैस की कीमतों में उछाल
आज लोकसभा में प्रधानमंत्री का बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे देश को यह साफ़ संकेत मिलेगा कि आगामी दिनों में तेल-गैस की कीमतों और उपलब्धता को लेकर क्या स्थिति रह सकती है। साथ ही विपक्ष भी इस मुद्दे पर सरकार से जवाब मांग सकता है, जिससे संसद में चर्चा तेज होने की संभावना है।
फिलहाल देश की नजरें प्रधानमंत्री मोदी के इस अहम संबोधन पर टिकी हैं, जो ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता के लिहाज से काफी अहम साबित हो सकता है।










