UP News: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज होती नज़र आ रही है। चुनाव आयोग द्वारा जारी की गई SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) के बाद सामने आई फाइनल वोटर लिस्ट ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। आंकड़ों के अनुसार, जहां पूरे राज्य में लगभग 2.06 करोड़ मतदाता सूची से हटाए गए हैं, वहीं 84 लाख नए मतदाताओं को जोड़ा गया है। लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा उन VIP सीटों को लेकर हो रही है, जहां बड़े नेताओं के गढ़ में बड़ी संख्या में मतदाता कम हुए हैं।
दिग्गज नेताओं की सीटों पर वोटरों में गिरावट
राज्य के कई प्रभावशाली नेताओं की सीटों पर 50 हजार से लेकर सवा लाख तक मतदाताओं की कमी दर्ज की गई है। इस सूची में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव और मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं। इन सीटों पर मतदाताओं की संख्या में आई गिरावट ने चुनावी समीकरणों को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दिया है।
सबसे चौंकाने वाला मामला संभल जिले से सामने आया है। माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी के चंदौसी विधानसभा क्षेत्र में करीब 99,093 मतदाता सूची से हट गए हैं। पहले इस सीट पर 3,99,331 मतदाता थे, जो अब घटकर लगभग 3 लाख रह गए हैं। इसी जिले की असमोली सीट पर भी 50 हजार से अधिक मतदाता कम हुए हैं। पूरे संभल जिले में कुल 3,18,701 वोटर घटे हैं, जो एक बड़ा आंकड़ा माना जा रहा है।
कानपुर और प्रयागराज में भी असर
कानपुर की महाराजपुर सीट, जहां से सतीश महाना लगातार आठ बार विधायक रहे हैं, वहां 1,29,563 मतदाता कम हुए हैं। हालांकि इस दौरान 39,058 नए वोटर जुड़े भी हैं, लेकिन कुल मिलाकर करीब 90 हजार मतदाताओं की कमी दर्ज की गई है।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की सिराथू सीट पर भी 52,985 वोटर कम हुए हैं। उल्लेखनीय है कि 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्हें मामूली अंतर से हार का सामना करना पड़ा था, ऐसे में यह बदलाव भविष्य के चुनावों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
प्रयागराज दक्षिण सीट से कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी के क्षेत्र में 99,059 मतदाता कम हुए हैं। वहीं हरदोई में आबकारी राज्यमंत्री नितिन अग्रवाल की सीट पर 85,757 वोटर हटे हैं, जो उनकी पिछली जीत के अंतर से भी अधिक है।
अन्य सीटों पर भी दिखा असर
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव की जसवंतनगर सीट पर 47,194 मतदाता कम हुए हैं, जो पार्टी के लिए चिंता का विषय बन सकता है। मथुरा की छाता सीट से मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी के क्षेत्र में करीब 47 हजार वोटर घटे हैं। आगरा दक्षिण सीट पर विधायक योगेंद्र उपाध्याय के क्षेत्र में 1.14 लाख मतदाता कम हुए हैं, जबकि आगरा ग्रामीण सीट से मंत्री बेबी रानी मौर्य के क्षेत्र में भी लगभग 49 हजार वोटरों की कमी आई है।
हालांकि सभी क्षेत्रों की स्थिति एक जैसी नहीं है। मैनपुरी सदर सीट से मंत्री जयवीर सिंह के क्षेत्र में करीब 24 हजार नए मतदाता जुड़े हैं। इसके अलावा चुनाव आयोग के अनुसार प्रयागराज, लखनऊ और जौनपुर जैसे जिलों में मतदाताओं की संख्या में अच्छी बढ़ोतरी भी दर्ज की गई है।
बदले आंकड़ों से बढ़ी सियासी हलचल
VIP सीटों पर बड़े पैमाने पर मतदाताओं की कटौती ने राजनीतिक दलों के बीच नई बहस को जन्म दिया है। विश्लेषकों का मानना है कि यह बदलाव आगामी विधानसभा चुनावों की दिशा तय कर सकता है। जहां सत्ताधारी दल के कई मजबूत गढ़ कमजोर पड़ते दिखाई दे रहे हैं, वहीं विपक्ष इसे एक बड़े मुद्दे के रूप में उठाने की तैयारी में है।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इन बदले हुए आंकड़ों का असर 2027 के विधानसभा चुनाव में किस तरह देखने को मिलेगा और क्या यह बदलाव प्रदेश की राजनीति में नए समीकरण तय करेगा।
Author: Shivam Verma
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