उपराष्ट्रपति उम्मीदवार बनते ही सीपी राधाकृष्णन ने PM मोदी से की मुलाकात, दिल्ली में हुआ भव्य स्वागत
CP Radhakrishnan meets PM Modi: उपराष्ट्रपति पद के लिए एनडीए के उम्मीदवार घोषित होते ही महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन एक्शन में आ गए हैं। रविवार को उनके नाम का ऐलान हुआ और सोमवार को उन्होंने सीधे दिल्ली पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। यह मुलाकात सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि आगामी उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर एक अहम रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।
दिल्ली में हुआ ‘भव्य स्वागत’
सोमवार को जैसे ही सीपी राधाकृष्णन मुंबई से दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचे, उनका जोरदार स्वागत किया गया। केंद्रीय मंत्रियों किरेन रिजिजू, प्रह्लाद जोशी, भूपेंद्र यादव और तेलुगुदेशम पार्टी के नेता राम मोहन नायडू समेत कई बड़े नेता उनकी अगवानी के लिए मौजूद थे। इस भव्य स्वागत से साफ है कि भाजपा और एनडीए ने अपने उम्मीदवार को लेकर कितनी गंभीरता दिखाई है।
पीएम मोदी से मुलाकात, गुलदस्ता, मुस्कान और रणनीति
हवाई अड्डे से सीधे सीपी राधाकृष्णन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने पहुंचे। इस मुलाकात की तस्वीरें भी सामने आई हैं। तस्वीरों में दोनों नेता गुलदस्ता पकड़े और गर्मजोशी से हाथ मिलाते दिख रहे हैं। यह मुलाकात इसलिए भी अहम है क्योंकि राधाकृष्णन का नाम पीएम मोदी की मौजूदगी में हुई भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक के बाद ही तय हुआ था। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बताया कि राधाकृष्णन को एनडीए के सर्वसम्मत उम्मीदवार के रूप में चुना गया है।
लंबा अनुभव, मजबूत दावेदारी
राधाकृष्णन को उम्मीदवार बनाने के पीछे कई ठोस वजहें हैं। उनके पास 50 साल से ज्यादा का राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन का अनुभव है। वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े रहे हैं, तमिलनाडु में भाजपा के अध्यक्ष रह चुके हैं और दो बार लोकसभा सांसद भी रहे हैं। राज्यपाल के रूप में उनका प्रशासनिक अनुभव भी उनकी उम्मीदवारी को और मजबूत बनाता है।
आगे क्या? चुनाव और सर्वसम्मति का दांव
उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव 9 सितंबर को होना है और उसी दिन मतगणना भी होगी। नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 21 अगस्त है। एनडीए ने राधाकृष्णन की उम्मीदवारी पर विपक्षी दलों से बात करने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को जिम्मेदारी दी है। भाजपा उम्मीद कर रही है कि राधाकृष्णन को सर्वसम्मति से चुना जाएगा। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या ‘इंडिया’ गठबंधन कोई उम्मीदवार उतारता है या फिर यह चुनाव निर्विरोध हो जाएगा।











