World News: अमेरिका और ईरान के रिश्तों में एक बार फिर भारी तनाव पैदा हो गया है, जिसके चलते अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बड़ा कदम उठाया है। संयुक्त राष्ट्र महासभा की वार्षिक बैठक में हिस्सा लेने के लिए न्यूयॉर्क पहुंचे ईरानी राजनयिकों और प्रतिनिधिमंडल को तय समय से पहले ही शहर छोड़कर वापस लौटने का सख्त फरमान जारी किया गया है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन पिछले सप्ताह संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करने के तुरंत बाद ही न्यूयॉर्क से रवाना हो गए थे। हालांकि, देश के विदेश मंत्री अब्बास अराघची कूटनीतिक वार्ताओं के सिलसिले में वहीं रुके हुए थे ताकि अमेरिका के साथ परोक्ष बातचीत को आगे बढ़ाया जा सके।
इन गुप्त वार्ताओं का मुख्य उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य को सुचारू रूप से खोलना, दोनों देशों के बीच जारी संघर्ष को विराम देना और ईरान के विवादित परमाणु कार्यक्रम पर फिर से चर्चा शुरू करना था। इसके लिए सप्ताहांत में ईरान और कतर के मध्यस्थों के बीच कई दौर की बैठकें भी आयोजित की गई थीं।
सूत्रों के अनुसार, इन बैठकों और वार्ताओं में कोई ठोस प्रगति न होने के कारण अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का धैर्य जवाब दे गया। इसके बाद अमेरिकी प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए ईरानी पक्ष को स्पष्ट कर दिया कि अब उनका न्यूयॉर्क में रुकने का कोई औचित्य नहीं बनता है और उन्हें तुरंत वापस जाना होगा।
चूंकि संयुक्त राष्ट्र की सभी उच्चस्तरीय बैठकें पहले ही समाप्त हो चुकी थीं, इसलिए अमेरिकी आदेश का पालन करते हुए ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची और उनकी पूरी टीम ने तुरंत प्रभाव से न्यूयॉर्क छोड़ दिया और मंगलवार तड़के अपने वतन के लिए रवाना हो गए।










