महाराष्ट्र की आर्थिक राजधानी मुंबई के ऐतिहासिक शिवाजी पार्क इलाके में तनाव का माहौल देखने को मिल रहा है। यहां कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन से ठीक पहले स्थानीय नागरिकों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। प्रदर्शन स्थल पर लोगों ने जमकर हंगामा किया और साफ शब्दों में चेतावनी दी कि इस तरह के आयोजनों से इलाके की शांति व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाती है।
स्थानीय निवासियों और दुकानदारों का कहना है कि शिवाजी पार्क और उसके आसपास लगातार हो रहे आंदोलनों के कारण उनकी रोजाना की जिंदगी पर बुरा असर पड़ रहा है। विरोध प्रदर्शन के दौरान जुटने वाली भारी भीड़ और हंगामे के डर से कई व्यापारियों को अपने दफ्तर और दुकानें तक बंद रखने पर मजबूर होना पड़ रहा है। लोगों का साफ कहना है कि उन्हें संविधान प्रदत्त प्रदर्शन के अधिकार से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि आम जनता को परेशानी में डाला जाए।
प्रदर्शनकारियों और पुलिस प्रशासन के बीच उपजी खींचतान के बीच स्थानीय लोगों ने पुलिस से अपील की है कि वे बिना अनुमति के होने वाले इस कार्यक्रम को रोकें। नागरिकों का तर्क है कि बार-बार होने वाली राजनीतिक रैलियों और धरने-प्रदर्शनों के चलते कर्मचारियों का ऑफिस पहुंचना मुश्किल हो जाता है, जिससे स्थानीय कारोबार को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
बता दें कि CJP मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और अन्य मांगों को लेकर देश के कई शहरों में अपने आंदोलन का दूसरा चरण चला रही है। इसी कड़ी में मुंबई के शिवाजी पार्क के गेट नंबर 6 पर यह प्रदर्शन तय किया गया था, जिसके लिए पुलिस की तरफ से आधिकारिक अनुमति नहीं दी गई है। इसके बावजूद पार्टी के नेता अपनी जिद पर अड़े हुए हैं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुंबई पुलिस पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रही है। आने वाले दिनों में चुनाव आयोग के खिलाफ अन्य राजनीतिक दलों द्वारा भी मोर्चे निकालने की योजना है, जिससे स्थानीय लोगों की चिंताएं और अधिक बढ़ गई हैं। जनता का यही कहना है कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और शांति बनाए रखना प्रशासन की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।










