World News: अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक बार फिर बड़ा तनाव पैदा हो गया है, जब अमेरिका ने ब्रिटेन स्थित अपने सैन्य एयरबेस से अपने सभी ताकतवर बमवर्षक विमानों को अचानक वापस बुला लिया है। यह फैसला किसी अज्ञात और गंभीर खतरे की आशंका के बाद लिया गया है, जिसने रक्षा विशेषज्ञों को भी हैरान कर दिया है।
इस पूरे घटनाक्रम पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तीखे तेवर दिखाए हैं। एक बयान में ट्रंप ने साफ तौर पर दावा किया कि वाशिंगटन प्रशासन को अच्छी तरह मालूम है कि इन धमकियों और साजिश के पीछे आखिरकार किसका हाथ है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि इसके लिए जिम्मेदार लोग अब बड़ी मुसीबत में फंस चुके हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, यह एयरबेस ब्रिटेन के आरएएफ फेयरफोर्ड में स्थित है, जहां से मध्य पूर्व के देशों और खासतौर पर ईरान के खिलाफ सैन्य अभियानों को अंजाम दिया जाता रहा है। पेंटागन के अधिकारियों ने विमानों की वापसी की पुष्टि करते हुए बताया कि पिछले कुछ घंटों में मिले कुछ खास और बेहद संवेदनशील इनपुट के बाद यह आपातकालीन कदम उठाया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटनाक्रम उस समय सामने आया है जब व्हाइट हाउस ईरान के खिलाफ भविष्य की रणनीतियों और सैन्य विकल्पों पर गंभीरता से विचार कर रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप के इस सख्त रुख से यह साफ हो गया है कि अमेरिका अपनी सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता करने के मूड में नहीं है और दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार बैठा है।










