Delhi CJP Protest: राजधानी दिल्ली में आगामी 10 अक्टूबर को होने वाले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद कर दी गई है. पुलिस प्रशासन ने कानून और व्यवस्था की स्थिति को बनाए रखते हुए जंतर-मंतर पर इस विरोध प्रदर्शन की अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया है. अधिकारियों का कहना है कि अनुमति के लिए आवेदन तय समयसीमा के बाद मिला था और पिछले आयोजनों के दौरान नियमों के उल्लंघन का हवाला देते हुए यह कड़ा फैसला लिया गया है. इसके साथ ही, एहतियात के तौर पर नई दिल्ली के संवेदनशील इलाकों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके.
सुरक्षा के इन पुख्ता इंतजामों का असर अब आम जनजीवन और यातायात पर भी साफ दिखने लगा है. दिल्ली पुलिस ने संभावित भीड़ और सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) से अनुरोध किया है कि राजधानी के करीब 57 मेट्रो स्टेशनों के एंट्री और एग्जिट गेट बंद रखे जाएं. हालांकि इस पर DMRC का अंतिम फैसला आना अभी बाकी है, लेकिन यात्रियों को आवाजाही में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. दूसरी ओर, दिल्ली-नोएडा के चिल्ला बॉर्डर पर स्थानीय पुलिस के साथ-साथ सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों को भी तैनात कर दिया गया है ताकि सीमावर्ती इलाकों पर कड़ी नजर रखी जा सके.
यातायात और सुरक्षा पाबंदियों का सबसे बड़ा असर भारतीय रेलवे पर देखने को मिला है. उत्तर मध्य रेलवे ने एहतियाती कदम उठाते हुए कुल 38 ट्रेनों को रद्द करने का बड़ा फैसला लिया है. अधिकारियों के मुताबिक, 10 अक्टूबर को नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों के आसपास भारी ट्रैफिक जाम की आशंका के चलते यह कदम उठाया गया है. प्रयागराज एक्सप्रेस, श्रम शक्ति एक्सप्रेस, हमसफर एक्सप्रेस और कानपुर शताब्दी जैसी कई महत्वपूर्ण मेल व एक्सप्रेस ट्रेनें इस फेरबदल से प्रभावित हुई हैं. रास्ते में जाम और यातायात डायवर्जन के कारण पहले ही करीब 5,000 से अधिक यात्री अपनी निर्धारित ट्रेनें नहीं पकड़ सके हैं.
दिल्ली-एनसीआर के अन्य बॉर्डर इलाकों जैसे गुरुग्राम से सटे रास्तों पर भी पुलिस ने कड़ी नाकेबंदी कर दी है. NH-48 के सहरौल बॉर्डर, पालम विहार और द्वारका बॉर्डर पर गुजरने वाले हर एक वाहन की सघन तलाशी ली जा रही है. स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए कई शरारती तत्वों की पहचान कर ली है और उन पर विशेष नजर रखी जा रही है. इसके साथ ही शिक्षण संस्थानों को भी यह सलाह दी गई है कि वे अपने छात्रों को किसी भी प्रकार के गैर-कानूनी या अनधिकृत प्रदर्शनों से दूर रखें ताकि माहौल शांतिपूर्ण बना रहे.
राजनीतिक गलियारों में भी इस हाई-प्रोफाइल घटनाक्रम को लेकर सरगर्मी काफी तेज हो गई है. मुख्य चुनाव आयोग और सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध जताने के लिए विपक्षी दलों और इंडिया गठबंधन के नेताओं ने अपनी गतिविधियां बढ़ा दी हैं. कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के दस से अधिक प्रमुख नेता, जिनमें राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे जैसे दिग्गज शामिल हैं, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करने की योजना बना रहे हैं. देश की राजधानी में चल रहे इस राजनीतिक और प्रशासनिक घटनाक्रम के बीच आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे घर से निकलने से पहले ट्रैफिक एडवाइजरी और ट्रेनों की ताजा स्थिति जरूर जांच लें.











