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Rajasthan Panchayat Election: जोधपुर, पाली और कोटा में वोटिंग का बहिष्कार और ईवीएम में खराबी बनी बड़ी चुनौती

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Rajasthan Panchayat Election: राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं के पहले चरण के मतदान के दौरान कई इलाकों से विरोध प्रदर्शन और तकनीकी गड़बड़ी की खबरें सामने आ रही हैं। राज्य के 16 जिला परिषदों और 104 पंचायत समितियों के लिए हो रहे इस चुनाव में शुरुआत से ही कुछ अड़चनें देखने को मिल रही हैं। जोधपुर, पाली और कोटा जिलों के कई गांवों में स्थानीय निवासियों ने प्रशासनिक समस्याओं और आरक्षण के मुद्दों को लेकर मतदान प्रक्रिया का पूरी तरह से बहिष्कार कर दिया है।

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पाली जिले की बात करें तो वहां रानी पंचायत समिति के दुथरिया गांव और सोजत पंचायत समिति के नेपावास गांव के लोगों ने चुनाव में वोट डालने से इनकार कर दिया। ग्रामीणों का मुख्य विरोध परिसीमन के बाद गांवों के विलय और सड़क कनेक्टिविटी जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर है। उनका कहना है कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों द्वारा उनकी समस्याओं पर ध्यान न दिए जाने के कारण उन्हें यह कड़ा कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

उधर जोधपुर के शेरगढ़ विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मंगल सिंह नगर ग्राम पंचायत में भी ग्रामीणों ने मतदान से दूरी बना ली। यहां के लोगों का गुस्सा सरपंच पद के लिए तय किए गए अन्य पिछड़ा वर्ग यानी ओबीसी आरक्षण को लेकर फूटा है। ग्रामीणों का तर्क है कि इस पंचायत में एक भी पंजीकृत मतदाता ओबीसी वर्ग से नहीं है, जिसके चलते विरोधस्वरूप किसी ने भी अपने मताधिकार का इस्तेमाल नहीं किया। इस मामले को सुलझाने के लिए स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधि लगातार ग्रामीणों को मनाने की कोशिश में जुटे रहे।

कोटा जिले के इटावा क्षेत्र में भी ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जहां सिनोटा ग्राम पंचायत के चक-टोडी तोडीखेड़ली गांव के लोगों ने वोट डालने से मना कर दिया। ग्रामीणों का यह रोष उनके गांव को दूरदराज की पंचायत में जोड़े जाने और आवागमन के भारी संकट को लेकर है। इसके अलावा कोटा की सांगोद पंचायत समिति और पाली के बागड़ी नगर में मतदान के दौरान ईवीएम मशीनों में तकनीकी खराबी आने की वजह से कुछ समय के लिए वोटिंग प्रक्रिया बाधित हुई, जिसे बाद में अधिकारियों द्वारा मशीनों को बदलकर सुचारू किया गया।

इन तमाम विरोध प्रदर्शनों और तकनीकी बाधाओं के बावजूद राज्य के अधिकांश हिस्सों में मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए उत्साह के साथ आगे आ रहे हैं। उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने भी अपने परिवार के साथ पहुंचकर मतदान किया। वर्तमान में इस चुनाव में मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच माना जा रहा है, हालांकि कई सीटों पर निर्दलीय और अन्य क्षेत्रीय दल भी त्रिकोणीय मुकाबला बनाते नजर आ रहे हैं।

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