Kolkata Stampede Updates: कोलकाता के एक दुर्गा पूजा पंडाल में हाल ही में हुई दर्दनाक भगदड़ की घटना के बाद गठित विशेष जांच टीम यानी एसआईटी पूरी मुस्तैदी से अपनी कार्रवाई में जुट गई है। इस बहुचर्चित मामले की जांच की कमान संभाल रही एसआईटी की प्रमुख और सेवानिवृत्त जस्टिस अनिंदिता रॉय सरस्वती ने कहा है कि घटना से जुड़े हर पहलू की बेहद बारीकी से पड़ताल की जा रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके।
मीडिया से बातचीत के दौरान एसआईटी प्रमुख ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की ओर से जांच रिपोर्ट सौंपने के लिए जो तीन महीने की समय-सीमा तय की गई है, वह वास्तव में एक बड़ा टास्क है। उन्होंने माना कि इतने बड़े और संवेदनशील मामले की तह तक जाने के लिए यह अवधि काफी कम है, फिर भी उनकी पूरी टीम निर्धारित समय के भीतर ही अपनी जांच को मुकाम तक पहुंचाने के लिए दिन-रात मेहनत कर रही है।
आपको बता दें कि उत्तरी कोलकाता के चोरबागन इलाके में स्थित एक लोकप्रिय दुर्गा पूजा पंडाल में हुई इस भयानक भगदड़ में 19 बेकसूर लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी, जबकि करीब 25 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस हादसे के बाद मचे हड़कंप के बीच कलकत्ता उच्च न्यायालय के परामर्श से छह सदस्यीय इस उच्चस्तरीय एसआईटी का गठन किया गया था, जो इस बात का पता लगा रही है कि आखिर इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई।
एसआईटी की कार्ययोजना के बारे में जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि टीम जल्द ही घटनास्थल का दौरा करेगी और वहां के हालात का जायजा लेगी। इसके अलावा भीड़ के अचानक बढ़ने के कारणों, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल क्लिप, फोरेंसिक रिपोर्ट्स और पुलिस कंट्रोल रूम के लॉग्स की भी गहनता से समीक्षा की जाएगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इस त्रासदी के लिए जिम्मेदार कोई भी शख्स कानून की गिरफ्त से बाहर न बच सके।
इस छह सदस्यीय जांच दल में सेवानिवृत्त न्यायाधीश के अलावा आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारी, एसटीएफ और डीजीपी के प्रतिनिधि, गृह विभाग के अधिकारी तथा एनडीआरएफ के विशेषज्ञ शामिल हैं। प्रशासन का यह सख्त रुख यह साफ दिखाता है कि इस मामले में किसी भी स्तर पर कोताही बरतने वाले लोगों को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।










