UP News: बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय नेता आकाश आनंद ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मायावती से जुड़ी एक खास और दिलचस्प कहानी साझा की। अपनी वापसी के बाद जनता के बीच पहुंचे आकाश आनंद ने पार्टी सुप्रीमो मायावती के साथ हुई अपनी एक निजी बातचीत का जिक्र किया, जिसने वहां मौजूद सभी समर्थकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
रैली के दौरान आकाश आनंद ने बताया कि उन्होंने पार्टी प्रमुख मायावती से सीधा सवाल किया था कि वह हर बार उनकी कड़ी परीक्षा क्यों लेती हैं। इस पर मायावती ने उन्हें पीछे हटने के बजाय इतिहास के पन्नों और पार्टी के महान आदर्शों की याद दिलाई। उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर और बसपा संस्थापक मान्यवर कांशीराम के संघर्षों का उदाहरण देते हुए आकाश को समझाया कि किसी भी बड़े आंदोलन की जिम्मेदारी यूं ही नहीं सौंपी जा सकती है।
मायावती के जवाब का जिक्र करते हुए आकाश आनंद ने बताया कि बसपा सुप्रीमों ने उनसे पूछा था कि क्या बाबा साहेब और कांशीराम ने अपने जीवन के आखिरी पल तक समाज के खातिर परीक्षाएं नहीं दी थीं? आकाश ने कहा कि मायावती ने उन्हें यह अहसास कराया कि जब तक कोई व्यक्ति संघर्ष की भट्ठी में खुद को नहीं तपाता, तब तक वह बहुजन समाज जैसे विशाल परिवार और आंदोलन की कमान संभालने के काबिल नहीं बन सकता।
इस पूरी बातचीत को याद करते हुए आकाश आनंद भावुक नजर आए और उन्होंने कहा कि वे मायावती द्वारा ली जाने वाली हर परीक्षा के लिए हमेशा तैयार हैं। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाया कि वे बहुजन समाज को ही अपना असली परिवार मानते हैं और इसके हक के लिए अपनी आखिरी सांस तक पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ काम करते रहेंगे।
अंत में आकाश आनंद ने पार्टी में वापसी का अवसर देने और उन पर फिर से भरोसा जताने के लिए मायावती का तहदिल से शुक्रिया अदा किया। बुलंदशहर की इस रैली में आकाश के तेवर और उनके भाषण ने पार्टी कार्यकर्ताओं में एक नया जोश भर दिया है, जो आने वाले राजनीतिक चुनावों के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।










