भारत और ऑस्ट्रिया के बीच कूटनीतिक और रणनीतिक रिश्तों को एक नई ऊंचाई देने के मकसद से ऑस्ट्रिया की यूरोपीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामलों की संघीय मंत्री बीआटे माइनल-रीसिंगर इन दिनों आधिकारिक यात्रा पर नई दिल्ली पहुंची हुई हैं। उनके इस महत्वपूर्ण दौरे के तहत बुधवार को देश की राजधानी के ऐतिहासिक हैदराबाद हाउस में भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ एक उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठक आयोजित की जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ऑस्ट्रियाई मंत्री बीआटे माइनल-रीसिंगर 27 अक्टूबर से शुरू हुई अपनी इस भारत यात्रा के दौरान 2 नवंबर तक देश में ही रहेंगी। नई दिल्ली में अपने आधिकारिक कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक पूरा करने के पश्चात वह आगामी 29 अक्टूबर से जयपुर के लिए रवाना होंगी, जहां वह विभिन्न स्थानीय और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से शिरकत करेंगी।
भारत और ऑस्ट्रिया के आपसी संबंध पिछले कुछ वर्षों में ‘उन्नत साझेदारी’ के रूप में लगातार मजबूत और प्रगाढ़ हुए हैं। हाल ही में दोनों देशों ने अपने ऐतिहासिक कूटनीतिक संबंधों के सफल 75 वर्ष पूरे किए हैं। इन रिश्तों में उस समय और अधिक मजबूती आई जब जुलाई 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना का ऐतिहासिक दौरा किया था, जो पिछले 41 वर्षों में किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली ऑस्ट्रिया यात्रा थी।
इसके अलावा, अप्रैल 2026 में ऑस्ट्रिया के चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर ने भी भारत का दौरा किया था, जिसमें दोनों राष्ट्रों ने आपसी व्यापार, तकनीक, रक्षा और निवेश को नए आयाम देने पर सहमति जताई थी। इस दौरान दोनों सरकारों ने निवेशकों और कंपनियों के लिए एक समर्पित फास्ट-ट्रैक व्यवस्था के साथ-साथ विशेष साइबर सुरक्षा संवाद शुरू करने की भी घोषणा की थी।
वर्ष 2025 के आंकड़ों के मुताबिक, दोनों मित्र देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार का कुल आंकड़ा लगभग 3.47 अरब डॉलर दर्ज किया गया था। भारत की तरफ से मुख्य रूप से वस्त्र, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और मशीनरी का निर्यात किया जाता है, जबकि ऑस्ट्रिया से भारी मशीनरी, ऑटोमोबाइल और उन्नत इस्पात का आयात किया जाता है, जिससे दोनों अर्थव्यवस्थाओं को लगातार बढ़ावा मिल रहा है।









