अमेरिकी राजनीति में बयानों का दौर एक बार फिर गरमाता नजर आ रहा है। देश के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए डेमोक्रेटिक पार्टी के सीनेट उम्मीदवार अब्दुल अल-सैयद पर बेहद तीखा और विवादित हमला बोला है। ट्रंप की इस टिप्पणी के बाद अमेरिकी राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है और बहस छिड़ गई है।
फ्लोरिडा और अन्य चुनावी रैलियों के दौरान ट्रंप ने अब्दुल अल-सैयद का नाम लेते हुए सीधे तौर पर उन्हें जिहादी करार दिया। ट्रंप ने अपनी स्पीच में कहा कि कैसे हो अब्दुल, तुम एक जिहादी हो। इसके साथ ही उन्होंने अल-सैयद के परिवार पर आतंकवादी संगठनों से जुड़े होने के गंभीर आरोप भी लगाए हैं, जिससे मामला और अधिक संवेदनशील बन गया है।
रिपब्लिकन नेता ट्रंप ने आगे यह भी कहा कि यदि अब्दुल अल-सैयद आगामी मिडटर्म चुनावों में जीत हासिल करते हैं, तो अमेरिकी सीनेट में उनकी एंट्री से पहले कड़ी सुरक्षा जांच की जानी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ऐसे व्यक्ति को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी गुप्त और संवेदनशील जानकारियों तक पहुंच दी जानी चाहिए या नहीं।
इस बीच, चुनावी रैलियों में ट्रंप का गुस्सा सिर्फ बयानों तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्हें विरोध प्रदर्शनों का भी सामना करना पड़ा। डेटोना बीच में एक रैली के दौरान जब कुछ प्रदर्शनकारियों ने उनके भाषण में रुकावट डालने की कोशिश की, तो ट्रंप मंच पर ही भड़क उठे और उन्हें बाहर निकालने का आदेश दे दिया।
बता दें कि अमेरिका में इन दिनों मिडटर्म चुनावों को लेकर सरगर्मी अपने चरम पर है और करोड़ों मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर चुके हैं। ऐसे समय में डोनाल्ड ट्रंप के इस तरह के आक्रामक और विवादित बयान चुनावी माहौल को पूरी तरह से पोलराइज करने का काम कर रहे हैं, जिस पर डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ से भी तीखी प्रतिक्रिया आने की उम्मीद है।










