तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में नाबालिगों के यौन शोषण से जुड़े बहुचर्चित पॉक्सो मामले में पुलिस ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है. जेम ग्रेनाइट्स के चेयरमैन आर वीरमणि से जुड़े इस गंभीर मामले में फरार चल रहे व्यवसायी एन प्रकाश के खिलाफ चेन्नई पुलिस ने लुकआउट सर्कुलर यानी एलओसी जारी कर दिया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी प्रकाश इस कांड के सह-आरोपी अय्यालरत्नम का साला है और पुलिस से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा है.
जांच में सामने आया है कि मामला दर्ज होने के बाद आरोपी एन प्रकाश ने इस जघन्य अपराध से जुड़े सबूतों को मिटाने और मामले को दबाने की पूरी कोशिश की थी. इसे ध्यान में रखते हुए पुलिस ने उनके पासपोर्ट नंबर का इस्तेमाल करते हुए पासपोर्ट को ब्लॉक करवा दिया है और इसे पूरी तरह रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है. इसके साथ ही उनके विदेश भागने की संभावना को रोकने के लिए अब इंटरपोल ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी कराने की भी तैयारी चल रही है.
चेन्नई पुलिस की विशेष जांच टीम इस मामले की बेहद बारीकी से पड़ताल कर रही है. अब तक मुख्य आरोपी आर वीरमणि समेत कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिन्हें फिलहाल पुझल सेंट्रल जेल में रखा गया है. पुलिस ने कोनात्तूर में आरोपी गणेशन के ठिकानों पर छापेमारी करके कई महत्वपूर्ण और आपत्तिजनक दस्तावेज भी बरामद किए हैं, जो इस मामले में और खुलासे कर सकते हैं.
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, एन प्रकाश जेम ग्रुप की कंपनियों में सलाहकार के तौर पर कार्यरत थे. SIT ने कार्रवाई करते हुए प्रकाश का एक बैंक खाता भी फ्रीज कर दिया है जिसमें करीब 24 करोड़ रुपये जमा हैं. इसके अलावा पिछले तीन सालों के वित्तीय लेनदेन का पूरा रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है ताकि कंपनियों और आरोपियों के बीच के आर्थिक संबंधों की सच्चाई सामने आ सके.
इस बीच पुलिस ने पुझल सेंट्रल जेल में एक पहचान परेड का आयोजन किया ताकि इस मामले की एक नाबालिग पीड़िता आरोपियों की सही पहचान कर सके. एसआईटी अधिकारी लगातार सबूत जुटाने में लगे हुए हैं और पुलिस का कहना है कि बहुत जल्द इस मामले में अदालत के समक्ष चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी ताकि सभी दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके.










