Lucknow News: शनिवार की दोपहर लखनऊ के चौक थाना परिसर में उस समय अफरातफरी मच गई जब बिना किसी पूर्व सूचना के उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल अचानक निरीक्षण के लिए पहुंच गईं। राज्यपाल की गाड़ी जैसे ही थाना परिसर में दाखिल हुई, वहां मौजूद पुलिसकर्मियों के बीच हड़कंप मच गया और सभी अधिकारी व कर्मचारी तत्परता के साथ एकत्र हो गए।
राज्यपाल ने अपने निरीक्षण की शुरुआत थाने की व्यवस्थाओं की समीक्षा से की। उन्होंने थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों से सीधे संवाद कर यह जानने की कोशिश की कि आम जनता के साथ किस प्रकार का व्यवहार किया जाता है और थाने के रोजमर्रा के कामकाज में किन-किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।

महिला हेल्प डेस्क पर विशेष ध्यान
अपने निरीक्षण के दौरान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल महिला सुरक्षा को लेकर विशेष रूप से सजग नजर आईं। उन्होंने चौक थाने में स्थापित महिला हेल्प डेस्क का दौरा किया और वहां दर्ज की गई शिकायतों की जांच की। इसके साथ ही उन्होंने हेल्प डेस्क पर मौजूद फाइलों और प्रार्थना पत्रों को देखा तथा संबंधित अधिकारियों से उन शिकायतों के निस्तारण की प्रगति पर जानकारी ली।
राज्यपाल ने यह भी जाना कि महिलाएं थाने में अपनी शिकायतें दर्ज कराने में कितनी सहज महसूस करती हैं और क्या उन्हें पूरा सहयोग मिलता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिला संबंधित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए और पीड़िताओं को न्याय दिलाने में कोई ढिलाई न बरती जाए।

साफ-सफाई और आधारभूत सुविधाओं की समीक्षा
राज्यपाल का निरीक्षण सिर्फ कागजी प्रक्रिया तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने थाने के विभिन्न भागों जैसे रिपोर्टिंग कक्ष, अभिलेख कक्ष, कार्यालय कक्ष और अन्य प्रशासनिक हिस्सों का दौरा करते हुए साफ-सफाई और व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने देखा कि परिसर में स्वच्छता की क्या स्थिति है और वहां आने वाले आम नागरिकों के लिए कौन-कौन सी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
इस दौरान उन्होंने थाना परिसर में तैनात पुलिसकर्मियों से सीधे संवाद करते हुए उनके कार्यों, चुनौतियों और आवश्यकताओं को समझा। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि आम जनता के साथ संयम और संवेदनशीलता से पेश आएं और पुलिस की छवि को बेहतर बनाने में सहयोग करें।











