Kaushambi News: चरवा थाना क्षेत्र में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं और जनता की नाराज़गी को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। थाना प्रभारी प्रमोद कुमार राव को उनके पद से हटाकर देर रात लाइन हाजिर कर दिया गया। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हलचल का माहौल बन गया है।
पुलिस अधीक्षक की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, हाल के दिनों में चरवा थाना क्षेत्र में आपराधिक घटनाओं में इज़ाफा हुआ है और इन पर काबू पाने में थाने की भूमिका संतोषजनक नहीं रही। साथ ही स्थानीय लोगों की बढ़ती शिकायतों को भी नज़रअंदाज़ नहीं किया गया। इन सभी परिस्थितियों को मद्देनज़र रखते हुए यह निर्णय लिया गया।
नई जिम्मेदारी महेश सिंह को
चरवा थाना का प्रभार अब महेश सिंह को सौंपा गया है, जो इससे पहले भी कई थानों पर सेवा दे चुके हैं और एक तेजतर्रार व कड़क अनुशासन वाले अधिकारी के रूप में जाने जाते हैं। वे अभी तक एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) में तैनात थे। उनकी छवि एक सख्त लेकिन न्यायप्रिय पुलिस अधिकारी की रही है, जिससे अब क्षेत्रीय जनता को कानून व्यवस्था में सुधार और अपराध पर नियंत्रण की उम्मीदें हैं।
खूनी संघर्ष से कांपा मोहिद्दीनपुर गांव
इसी बीच, चरवा थाना क्षेत्र के मोहिद्दीनपुर गांव में ज़मीनी विवाद ने एक और भयावह मोड़ ले लिया। आज दिनांक 29 जून 2025 को एक दिल दहला देने वाली घटना में सावित्री देवी (उम्र लगभग 60 वर्ष), पत्नी स्वर्गीय मानसिंह यादव की हत्या कर दी गई। यह वारदात किसी और ने नहीं, बल्कि उनके ही सगे भतीजों ने अंजाम दी।
घटना के अनुसार, मृतका के भतीजे रामप्रकाश उर्फ नन्हे और ओमप्रकाश उर्फ बबली, जो स्वर्गीय अमर सिंह के पुत्र हैं, ने पारिवारिक ज़मीनी विवाद के चलते इस जघन्य कृत्य को अंजाम दिया। जैसे ही घटना की जानकारी मिली, प्रभारी निरीक्षक पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
पुलिस ने सावित्री देवी के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। गांव में घटना के बाद तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। पुलिस ने पीड़ित पक्ष की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
क्षेत्र में बढ़ती घटनाएं बनीं चिंता का विषय
चरवा थाना क्षेत्र में पिछले कुछ समय से लगातार हत्या, विवाद और आपराधिक घटनाओं की बढ़ती संख्या ने आमजन को डरा दिया है। ग्रामीणों के अनुसार, पुलिस की निष्क्रियता और आरोपियों पर समय रहते कार्रवाई न होने की वजह से अपराधियों के हौसले बुलंद होते गए।











