UP News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को गोरखपुर में सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय एकता यात्रा की शुरुआत करते हुए एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा, “अब भारत में कोई जिन्ना पैदा नहीं होगा, और अगर हुआ तो उसे दफन कर दिया जाएगा।” सीएम योगी का यह बयान केवल गोरखपुर तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक स्पष्ट संदेश था — “भाषा और जाति से ऊपर, राष्ट्र पहले।”
जिन्ना पर सीएम योगी का तीखा प्रहार
योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि भारत को अब फिर कभी विभाजन की स्थिति में नहीं आने देना है। उन्होंने कहा कि कुछ ताकतें आज भी भाषा, जाति और क्षेत्र के नाम पर देश को तोड़ने की साजिश कर रही हैं, लेकिन हमें सरदार पटेल के दिखाए मार्ग पर चलकर देश की एकता को बनाए रखना होगा।
उन्होंने समाजवादी पार्टी के एक सांसद पर निशाना साधते हुए कहा, “ये वही लोग हैं जो सरदार पटेल की जयंती पर कार्यक्रमों में नहीं आते, लेकिन जिन्ना को सम्मान देने वाले आयोजनों में शामिल होते हैं। अगर कांग्रेस ने जिन्ना का विरोध किया होता, तो भारत का विभाजन कभी नहीं होता।”
स्कूलों में अनिवार्य होगा ‘वंदे मातरम’
मुख्यमंत्री योगी ने इस मौके पर एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश के सभी विद्यालयों में ‘वंदे मातरम’ गीत का गायन अनिवार्य किया जाएगा।
उन्होंने कहा, “जिस गीत ने अंग्रेजों की नींव हिला दी थी, उसका सम्मान हर भारतीय का कर्तव्य है। सरदार पटेल ने जिस भारत को जोड़ा, उसका सम्मान तभी रहेगा जब हर बच्चा ‘वंदे मातरम’ के भाव से जुड़ा रहेगा।”
बिहार के मतदाताओं को भी दिया संदेश
हाल ही में बिहार चुनाव प्रचार से लौटे योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर से बिहार की जनता के लिए भी संदेश भेजा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग समाज को भाषा और जाति के नाम पर फिर से बांटने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अब देश एकजुट है।
योगी ने कहा कि भारत की एकता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है, और इसी भावना को मजबूत करने के लिए यह एकता यात्रा निकाली जा रही है।
पूरे प्रदेश में निकलेगी ‘राष्ट्रीय एकता पदयात्रा’
सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी ने पूरे प्रदेश में ‘राष्ट्रीय एकता पदयात्रा’ शुरू की है। हर विधानसभा क्षेत्र में 8 किलोमीटर लंबी यह यात्रा निकाली जा रही है। गोरखपुर से मुख्यमंत्री योगी ने इस यात्रा का शुभारंभ करते हुए लोगों से आह्वान किया कि वे विभाजन नहीं, बल्कि एकता की राह चुनें।











