Home » देश-विदेश » World News: शंघाई सहयोग संगठन की बैठक में राजनाथ सिंह की दो टूक, आतंकवाद को पनाह देने वालों पर कसेगा शिकंजा

World News: शंघाई सहयोग संगठन की बैठक में राजनाथ सिंह की दो टूक, आतंकवाद को पनाह देने वालों पर कसेगा शिकंजा

Facebook
X
WhatsApp

World News: भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शंघाई सहयोग संगठन की काउंसिल ऑफ हेड्स ऑफ गवर्नमेंट की बैठक में आतंकवाद के मुद्दे पर एक बार फिर दुनिया का ध्यान खींचा है। ताजिकिस्तान की राजधानी दुशान्बे में आयोजित इस अहम बैठक के दौरान उनके तीखे तेवर साफ नजर आए, जहां पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार भी मंच पर मौजूद थे। राजनाथ सिंह ने वैश्विक मंच से साफ कर दिया कि आतंकवाद मानवता का सबसे बड़ा दुश्मन है और इसके खात्मे के लिए सभी देशों को मिलकर सख्त कदम उठाने होंगे।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

अपने संबोधन में रक्षा मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि आतंकवाद जैसी गंभीर समस्या को किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि जो देश या ताकतें आतंकवादियों को आर्थिक मदद मुहैया कराती हैं या उन्हें अपने यहां सुरक्षित ठिकाने देती हैं, उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए। उनके इस स्पष्ट संदेश ने पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान को सीधा निशाना बनाया, जो लंबे समय से आतंकवाद को संरक्षण देने के आरोपों से घिरता रहा है।

राजनाथ सिंह ने यह भी बताया कि आतंकवाद केवल निर्दोष नागरिकों की जान ही नहीं लेता, बल्कि यह किसी भी क्षेत्र के व्यापार, आर्थिक निवेश और सामाजिक सौहार्द को भी बुरी तरह प्रभावित करता है। इसके फैलने से युवा पीढ़ी का भविष्य खतरे में पड़ता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में दुनिया के किसी भी देश का दोहरा रवैया अब नहीं चलेगा और इस नासूर को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए एक मजबूत सामूहिक तंत्र की सख्त जरूरत है।

इस दौरे के दौरान रक्षा मंत्री ने क्षेत्रीय कूटनीति को भी बढ़ावा दिया और दुशान्बे में कई द्विपक्षीय बैठकों में हिस्सा लिया। उन्होंने ताजिकिस्तान के प्रधानमंत्री कोहिर रसूलजोदा से मुलाकात कर दोनों देशों के बीच प्राचीन सांस्कृतिक और आपसी संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा की। इसके अलावा, उन्होंने ईरान के प्रथम उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरिफ से भी मुलाकात की और समसामयिक मुद्दों पर अपने विचार साझा किए।

विश्लेषकों का मानना है कि एससीओ मंच से भारत का यह आक्रामक और स्पष्ट रुख आतंकवाद के खिलाफ उसकी जीरो टॉलरेंस नीति को पूरी दुनिया के सामने मजबूती से रखता है। भारत ने यह संदेश दे दिया है कि शांति और बातचीत उसकी संस्कृति का हिस्सा जरूर है, लेकिन देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को अब बख्शा नहीं जाएगा और हर नापाक हरकत का कड़ा जवाब दिया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ताजा खबरें