Raebareli News: रायबरेली के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और कर्मचारियों की लेटलतीफी पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। जिला अस्पताल और महिला अस्पताल में अब बायोमेट्रिक हाजिरी व्यवस्था को अनिवार्य कर दिया गया है। जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) डॉ. पुष्पेंद्र कुमार के निर्देश पर अस्पताल परिसर में अत्याधुनिक बायोमेट्रिक अटेंडेंस मशीनें लगाने का कार्य शुरू कर दिया गया है।
फेस और थंब रीडिंग से होगी सटीक पहचान
अस्पताल प्रशासन ने इस बार सामान्य मशीनों के बजाय हाईटेक बायोमेट्रिक सिस्टम को अपनाया है। इन मशीनों में फेस रीडिंग यानी चेहरे की पहचान और थंब इंप्रेशन के माध्यम से उपस्थिति दर्ज होगी। साथ ही स्क्रीनिंग की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। इस व्यवस्था के लागू होने से हाजिरी में किसी भी तरह की गड़बड़ी या फर्जी उपस्थिति की संभावना लगभग समाप्त हो जाएगी।
अक्सर मरीजों की ओर से यह शिकायत सामने आती रही है कि निर्धारित ड्यूटी समय के बावजूद डॉक्टर या कर्मचारी समय पर अस्पताल में मौजूद नहीं रहते, जिससे इलाज में देरी होती है। बायोमेट्रिक सिस्टम लागू होने के बाद प्रत्येक कर्मचारी के आने-जाने का सटीक समय दर्ज होगा, जिससे ड्यूटी में लापरवाही करने वालों पर सीधी नजर रखी जा सकेगी।
नई व्यवस्था से उपस्थिति रिकॉर्ड पूरी तरह पारदर्शी रहेगा। इससे न केवल कर्मचारियों की जवाबदेही तय होगी, बल्कि वेतन भुगतान और उपस्थिति से जुड़ी प्रक्रियाओं में भी स्पष्टता आएगी। जो कर्मचारी लगातार देर से पहुंचते हैं या ड्यूटी में कोताही बरतते हैं, वे अब सीधे प्रशासन की निगरानी में होंगे।
मरीजों को मिलेगा सीधा लाभ
बायोमेट्रिक हाजिरी व्यवस्था शुरू होने से सबसे बड़ा फायदा मरीजों को होगा। दूर-दराज से इलाज के लिए आने वाले मरीजों को अब डॉक्टरों के इंतजार में लंबा समय नहीं बिताना पड़ेगा। स्टाफ के समय पर उपलब्ध रहने से इलाज की प्रक्रिया सुचारू रूप से चलेगी और अस्पताल सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आएगा।
इस संबंध में CMS डॉ. पुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि बायोमेट्रिक अटेंडेंस मशीनें आज से प्रभावी हो जाएंगी। उनका कहना है कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना और यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक कर्मचारी अपनी ड्यूटी के प्रति पूरी तरह जवाबदेह रहे।
Author: Shivam Verma
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