Raebareli News: जनपद के डीह थाना क्षेत्र अंतर्गत बरगदही गांव में रविवार शाम एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां रसोई गैस सिलेंडर में अचानक हुए रिसाव के कारण भीषण आग लग गई। इस घटना में एक ही परिवार के 9 सदस्य गंभीर रूप से झुलस गए। सभी घायलों को तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज विशेषज्ञों की निगरानी में जारी है।
कैसे हुआ हादसा?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बरगदही निवासी शिवशंकर मिश्रा के घर में रविवार देर शाम खाना बनाने की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान अचानक गैस सिलेंडर से गैस का रिसाव शुरू हो गया। कुछ ही पलों में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और कमरे में मौजूद लोग इसकी चपेट में आ गए।
घटना के बाद घर में अफरा-तफरी मच गई और पीड़ितों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से सभी घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) डीह पहुंचाया गया, जहां से उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
प्रशासनिक अमला मौके पर सक्रिय
हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी भी सक्रिय हो गए। एडीएम अमृता सिंह, सीएमओ डॉ. नवीन चंद्रा, एसडीएम और तहसीलदार भारी पुलिस बल के साथ जिला अस्पताल पहुंचे और घायलों के उपचार की स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने चिकित्सकों को सभी घायलों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
इस दौरान राहत की बात यह रही कि मौके पर मौजूद टीम ने सूझबूझ का परिचय देते हुए लीकेज वाले सिलेंडर को सावधानीपूर्वक घर से बाहर निकाल लिया और आग पर काबू पा लिया। इससे एक बड़े विस्फोट की आशंका टल गई।
अस्पताल प्रशासन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, इस हादसे में घायल हुए लोगों में मंजू मिश्रा (42), पत्नी शिवशंकर मिश्रा; कुलदीप मिश्रा (22), पुत्र शिवशंकर मिश्रा; अनिल मिश्र (50), पुत्र संत कुमार; संत कुमार मिश्र (68), पुत्र देवनारायण; आशीर्वाद (18), पुत्र अनिल; ऋचा (21) और दीपिका (25), पुत्रियां अनिल; संगीता (40), पत्नी सुनील तथा उमेश (37), निवासी चतुरपुर शामिल हैं।
चिकित्सकों का बयान
सीएमओ डॉ. नवीन चंद्रा ने बताया कि सभी 9 घायलों का इलाज जिला अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मरीजों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। यदि किसी भी मरीज की हालत में सुधार नहीं होता है, तो उसे बेहतर उपचार के लिए लखनऊ या अन्य उच्च चिकित्सा केंद्र में रेफर किया जाएगा।
सावधानी नोट
गैस लीकेज की स्थिति में तुरंत रेगुलेटर बंद कर दें, खिड़की और दरवाजे खोल दें तथा किसी भी बिजली के स्विच का उपयोग करने से बचें। सतर्कता बरतकर ऐसे हादसों से बचा जा सकता है।
Author: Shivam Verma
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