Raebareli News: उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में गेहूं खरीद व्यवस्था को पारदर्शी और किसान हितैषी बनाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्ती तेज कर दी है। इसी क्रम में जिलाधिकारी सरनीत कौर ने डीह विकास खंड स्थित गेहूं क्रय केंद्र का औचक निरीक्षण किया और मौके पर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि खरीद प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सीधे किसानों से खरीद सुनिश्चित करने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि क्रय केंद्रों पर बिचौलियों की कोई भूमिका नहीं होनी चाहिए। गेहूं की खरीद सीधे वास्तविक किसानों से ही की जाए, ताकि उन्हें उनकी उपज का पूरा लाभ मिल सके। प्रशासन ने यह भी चेतावनी दी कि यदि किसी भी स्तर पर बिचौलियों की संलिप्तता पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों से उनकी फसल की खरीद सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर ही की जाए। इसके साथ ही तौल के बाद भुगतान निर्धारित समयसीमा के भीतर सीधे किसानों के बैंक खातों में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की आर्थिक असुविधा का सामना न करना पड़े।
क्रय केंद्र पर संसाधनों की जांच
औचक निरीक्षण के दौरान क्रय केंद्र पर उपलब्ध संसाधनों की भी बारीकी से जांच की गई। जिलाधिकारी ने नमी मापक यंत्र, इलेक्ट्रॉनिक कांटे और बोरों की उपलब्धता की स्थिति का आकलन किया और इन्हें हर समय सुचारु एवं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन उपकरणों में किसी भी प्रकार की खराबी सीधे तौर पर किसानों के हितों को प्रभावित कर सकती है।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद किसानों से सीधे बातचीत कर व्यवस्थाओं का फीडबैक लिया। उन्होंने केंद्र प्रभारी को निर्देश दिए कि भीषण गर्मी को देखते हुए क्रय केंद्र पर पेयजल और छाया की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
आवश्यकता पड़ने पर रविवार को भी होगी खरीद
किसानों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि आवश्यकता पड़ने पर रविवार को भी क्रय केंद्र संचालित किए जाएं और खरीद प्रक्रिया जारी रखी जाए। इससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी किसान अपनी उपज बेचने से वंचित न रहे।
डीएम का स्पष्ट संदेश
जिलाधिकारी सरनीत कौर ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा, “हमारा लक्ष्य है कि प्रत्येक पात्र किसान को सरकारी योजना का पूरा लाभ मिले। यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या भ्रष्टाचार की शिकायत मिलती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।”
Author: Shivam Verma
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