Hamirpur News: हमीरपुर जिले में एक मासूम की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले झोलाछाप के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन ने कड़ा एक्शन लिया है। सम्राट न्यूज में खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन हरकत में आया और ग्राम हरसुण्डी में संचालित अवैध अस्पताल को सीज कर दिया गया।
मामला थाना जलालपुर क्षेत्र के ग्राम हरसुण्डी का है। जानकारी के अनुसार, बीते 28 अप्रैल को रामआसरे कोरी के सात वर्षीय पुत्र शिवम के पेट में दर्द हुआ था। परिजन उसे गांव में ही क्लिनिक चला रहे तथाकथित डॉक्टर विजय पुत्र रामपाल के पास लेकर पहुंचे। आरोप है कि बिना किसी वैध डिग्री के इलाज कर रहे विजय ने बच्चे को गलत दवाएं दीं और उसे ड्रिप चढ़ा दी।
बताया जा रहा है कि ड्रिप चढ़ाने के करीब दो घंटे बाद ही मासूम की हालत अचानक बिगड़ गई। बाद में जांच में सामने आया कि गलत इलाज की वजह से बच्चे के पेट और शरीर में गंभीर संक्रमण फैल गया।
ग्वालियर में जिंदगी की जंग लड़ रहा मासूम
बच्चे की हालत गंभीर होने पर परिजन उसे पहले राठ और फिर झांसी लेकर पहुंचे। वहां से डॉक्टरों ने उसे ग्वालियर रेफर कर दिया। पीड़ित पिता रामआसरे के मुताबिक, अब तक इलाज में करीब 83 हजार रुपये खर्च हो चुके हैं, जबकि बच्चे का बड़ा ऑपरेशन अभी बाकी है।
परिजनों का कहना है कि गलत इलाज की वजह से परिवार आर्थिक और मानसिक संकट से गुजर रहा है।
पंचायत में मदद मांगने पर मिली धमकी
पीड़ित रामआसरे का आरोप है कि जब उन्होंने ग्रामीणों के साथ पंचायत कर आरोपी से इलाज में आर्थिक मदद की मांग की, तो झोलाछाप ने सहायता करने के बजाय उन्हें जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद पीड़ित ने जिलाधिकारी हमीरपुर को शिकायती पत्र भेजकर कार्रवाई और न्याय की मांग की थी।
खबर के बाद प्रशासन ने की कार्रवाई
मामले की खबर सामने आने और तस्वीरें वायरल होने के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर आरोपी के अवैध क्लिनिक/अस्पताल को सीज कर दिया। वायरल तस्वीरों में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में अस्पताल के लाल दरवाजों पर सरकारी सील लगाई जाती दिखाई दे रही है।
कार्रवाई के दौरान मौके पर सीएचसी सरीला के अधीक्षक अखिलेश कुमार, जलालपुर पुलिस और अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
रिपोर्ट– प्रतीक तिवारी
Author: Shivam Verma
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