J&K News: जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों में सुरक्षाबलों को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है. बडगाम जिले के यूसमर्ग इलाके में भारतीय सुरक्षा बलों के साथ हुई भीषण मुठभेड़ में एक पाकिस्तानी आतंकवादी को ढेर कर दिया गया है. मारा गया यह आतंकी प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का खूंखार कमांडर बताया जा रहा है, जिसकी पहचान यासिर के रूप में हुई है.
खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, कमांडर यासिर पहले सुलेमान मूसा गिरोह का एक अहम हिस्सा हुआ करता था. हालांकि, कुछ समय पहले वह इस गुट से अलग होकर अपनी अलग गतिविधियों को अंजाम दे रहा था. सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि पिछले साल डाचीगाम में मारे गए सुलेमान मूसा के साथ यासिर के गहरे संबंध रहे हैं, जो क्षेत्र में बड़ी साजिशों को रचने की फिराक में था.
यह पूरा सफल ऑपरेशन भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ (CRPF) के जवानों द्वारा संयुक्त रूप से चलाया गया था. सुरक्षा बलों ने पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला के ऊंचाई वाले पहाड़ी रास्तों से गुजर रहे आतंकवादियों के एक संदिग्ध दल की गतिविधियों को ट्रैक किया था. इसके बाद से ही लगातार इलाके में घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा था.
शनिवार को जब सुरक्षाबलों और आतंकियों का आमना-सामना हुआ, तो दोनों तरफ से भारी गोलीबारी शुरू हो गई. इस दौरान सुरक्षाबलों ने असाधारण बहादुरी का परिचय देते हुए लश्कर कमांडर यासिर को मार गिराया. मुठभेड़ स्थल पर सुरक्षाबलों द्वारा व्यापक तलाशी अभियान अभी भी जारी है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आसपास कोई अन्य छिपा हुआ आतंकी न बचा हो.
फिलहाल, सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां मारे गए पाकिस्तानी आतंकी के नेटवर्क, उसके संपर्कों और घाटी में उसकी किसी बड़ी साजिश की योजना के बारे में गहराई से छानबीन कर रही हैं. इस कार्रवाई से घाटी में सक्रिय आतंकवादियों के मनोबल पर गहरा आघात लगा है और सुरक्षाबलों की यह कामयाबी एक बार फिर साबित करती है कि देश की सुरक्षा में सेंध लगाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.











