UP News: अयोध्या में स्थित भव्य राम मंदिर के प्रशासनिक कामकाज को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मंदिर के दैनिक संचालन और प्रबंधन को सुचारू रूप से चलाने के लिए ट्रस्ट अब अपना पहला पूर्णकालिक यानी फुल-टाइम मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त करने की तैयारी में है। इस पद के लिए चयन प्रक्रिया ने अब जोर पकड़ लिया है।
इस प्रतिष्ठित पद के लिए देशभर से भारी उत्साह देखने को मिला है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रस्ट को इस जिम्मेदारी को संभालने के लिए करीब 5,200 आवेदन प्राप्त हुए थे। इन आवेदनों की गहन समीक्षा के बाद, चयन समिति ने योग्यता और अनुभव के आधार पर 18 उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए शॉर्टलिस्ट किया है। सभी चयनित उम्मीदवार अपनी दावेदारी पेश करने के लिए अयोध्या पहुंच चुके हैं।
मंगलवार को एक उच्च-स्तरीय पैनल द्वारा इन 18 उम्मीदवारों का इंटरव्यू लिया जा रहा है। समिति मुख्य रूप से आवेदकों की प्रशासनिक कुशलता, बड़े संस्थानों को संभालने का अनुभव और मंदिर की गरिमा के अनुरूप जिम्मेदारियां निभाने की क्षमता का बारीकी से आकलन कर रही है। यह नियुक्ति मंदिर के प्रबंधन में पारदर्शिता और पेशेवर कामकाज को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
बता दें कि राम मंदिर ट्रस्ट द्वारा फुल-टाइम CEO की नियुक्ति का यह फैसला मंदिर के वित्तीय और प्रशासनिक प्रबंधन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से लिया गया है। पहले भी मंदिर के दान और व्यवस्थाओं से जुड़ी कुछ खबरें सामने आई थीं, जिसके बाद से ही ट्रस्ट प्रबंधन को लेकर अधिक सतर्क हो गया है। एक पूर्णकालिक अधिकारी की नियुक्ति से ट्रस्ट के कामकाज में और अधिक स्पष्टता आएगी।
चयन प्रक्रिया के बाद अब जल्द ही उस नाम की घोषणा होने की उम्मीद है, जो राम मंदिर के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में कार्यभार संभालेंगे। मंदिर प्रशासन से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि सही व्यक्ति का चुनाव मंदिर की आगामी योजनाओं और तीर्थयात्रियों की सुविधाओं के प्रबंधन में बेहद सहायक साबित होगा।
Author: Shivam Verma
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