Azamgarh News: आजमगढ़ से उठ रही यह आवाज़ सिर्फ किसी एक गांव की नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े करती है। सगड़ी विधानसभा क्षेत्र के बरडीहा गांव में दलित उत्पीड़न के बेहद गंभीर आरोप सामने आए हैं, जिनसे इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल है।
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के प्रधान प्रतिनिधि छोटेलाल दलित समाज के लोगों को मां-बहन की गालियां दे रहे हैं। इस मामले में एक कथित ऑडियो भी सामने आया है, जिसने पूरे प्रकरण को और गंभीर बना दिया है। यदि यह ऑडियो सही पाया जाता है, तो इसे केवल अभद्र भाषा नहीं माना जा सकता, बल्कि यह सीधे तौर पर SC/ST अत्याचार निवारण कानून के उल्लंघन की श्रेणी में आता है।
प्रधान और प्रतिनिधि पर गंभीर आरोप
गांव वालों के अनुसार, निषाद जाति से आने वाले ग्राम प्रधान रामबचन और उनके प्रतिनिधि छोटेलाल पर दलितों के अधिकारों का हनन करने का आरोप है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें लगातार अपमानित किया जा रहा है और सामाजिक बराबरी के सिद्धांतों को खुलेआम नजरअंदाज किया जा रहा है। बाबा साहब अंबेडकर द्वारा बताए गए समानता के आदर्शों पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
मामला केवल गाली-गलौच तक सीमित नहीं है। ग्रामीणों ने मनरेगा योजना को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि यह योजना केवल कागजों में चलाई जा रही है। न तो काम हो रहा है और न ही मजदूरों को मजदूरी मिल रही है, जबकि सरकारी रिकॉर्ड में सब कुछ ठीक दिखाया जा रहा है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस कथित ऑडियो की फॉरेंसिक जांच कराएगा और क्या SC/ST एक्ट के तहत मामला दर्ज होगा। गांव के दलित समुदाय का कहना है कि उनकी आवाज़ को बार-बार दबाया जाता रहा है और इस बार भी कहीं ऐसा न हो कि सच्चाई सत्ता के शोर में खो जाए।
अब तक नहीं आया कोई आधिकारिक बयान
फिलहाल इस पूरे मामले पर न तो ग्राम प्रधान, न उनके प्रतिनिधि और न ही प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। लेकिन गांव में उठे सवाल अभी ज़िंदा हैं और लोग जवाब की उम्मीद लगाए बैठे हैं। यह मामला अब सिर्फ एक गांव तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि प्रशासन, कानून और संविधान की कसौटी बन चुका है।
Author: Shivam Verma
Description










