Bangladesh News: पड़ोसी देश बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती घटनाओं ने एक बार फिर से तनाव पैदा कर दिया है। हाल ही में गाइबांधा में भगवान राम की 81 फीट ऊंची प्रतिमा के निर्माण कार्य को रोके जाने का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद वहां के हिंदू समुदाय में काफी आक्रोश है और बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरकर अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कट्टरपंथी समूहों के दबाव में आकर प्रशासन ने यह फैसला लिया है, जो कि अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
इस पूरे मामले पर भारत सरकार ने अब कड़ा रुख अपनाया है। नई दिल्ली ने पड़ोसी मुल्क की तारिक रहमान सरकार को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा है कि उन्हें अपने देश में कट्टरपंथी ताकतों पर नकेल कसने की आवश्यकता है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने जोर देकर कहा कि बांग्लादेश को वहां रह रहे हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
स्थानीय मानवाधिकार संगठन ‘जस्टिस मेकर्स बांग्लादेश इन फ्रांस’ के अनुसार, मंदिर में मूर्ति निर्माण की खबर फैलते ही कट्टरपंथी संगठनों ने न केवल रैलियां निकालीं, बल्कि अधिकारियों पर दबाव बनाकर काम रुकवाने के लिए मजबूर किया। 12 जून को मंदिर प्रशासन को डर के माहौल में निर्माण कार्य को पूरी तरह रोकना पड़ा। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह कदम न केवल बांग्लादेश के अपने संविधान के सिद्धांतों के खिलाफ है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार नियमों का भी स्पष्ट उल्लंघन है।
बांग्लादेश में इस तरह की सांप्रदायिक घटनाएं पहली बार नहीं हुई हैं, बल्कि पिछले कुछ वर्षों में धार्मिक अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने का सिलसिला लगातार जारी रहा है। राजनीतिक अस्थिरता और बढ़ते कट्टरपंथ के बीच वहां के हिंदू समुदाय ने अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है। भारत सरकार ने बार-बार इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों और द्विपक्षीय बातचीत में उठाया है, लेकिन स्थिति में सुधार के बजाय घटनाएं और अधिक चिंताजनक होती जा रही हैं।
फिलहाल, अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें बांग्लादेश की नई सरकार के फैसलों पर टिकी हुई हैं। यह देखना अहम होगा कि क्या सरकार केवल आश्वासन देती है या वास्तव में कट्टरपंथियों पर लगाम लगाकर अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा करती है। भारत का साफ कहना है कि किसी भी लोकतांत्रिक देश में धार्मिक भावनाओं का सम्मान होना चाहिए और वहां की सरकार को बिना किसी भेदभाव के सभी समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।
Author: Shivam Verma
Description










