Chandauli News: जनपद चंदौली के चकिया थाना क्षेत्र में पशु चोरी की एक बड़ी वारदात सामने आई है, जहां 75 भेड़ों की चोरी के एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी पुलिस अब तक चोरों का कोई सुराग नहीं लगा पाई है। इस घटना ने क्षेत्र के पशुपालकों में आक्रोश और असुरक्षा की भावना को बढ़ा दिया है।
रात के अंधेरे में उजड़ी मेहनत की कमाई
यह मामला चकिया थाना क्षेत्र के सैदूपुर (शाहपुर) गांव का है। यहां के निवासी शिवपूजन पाल, जो भेड़ पालन के जरिए अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं, 26 मार्च 2026 की रात एक बड़ी चोरी का शिकार हो गए। अज्ञात चोरों ने रात के अंधेरे में उनके बाड़े पर धावा बोलकर कुल 75 भेड़ें चोरी कर लीं। सुबह जब शिवपूजन पाल ने अपना बाड़ा खाली देखा, तो उनके होश उड़ गए।
भेड़ें ही थीं आजीविका का एकमात्र सहारा
पीड़ित शिवपूजन पाल के अनुसार, चोरी हुई भेड़ें उनके लिए केवल पशु नहीं थीं, बल्कि वही उनके परिवार की रोजी-रोटी का एकमात्र साधन थीं। वर्षों की मेहनत और जमा पूंजी इन भेड़ों में लगी थी। अचानक हुए इस नुकसान ने उन्हें आर्थिक रूप से पूरी तरह झकझोर दिया है।
पुलिस की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल
घटना के तुरंत बाद शिवपूजन पाल ने स्थानीय थाना चकिया में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने अपने प्रार्थना पत्र में यह भी आशंका जताई कि इतनी बड़ी संख्या में भेड़ों की चोरी किसी संगठित गिरोह का काम हो सकता है। इसके बावजूद एक सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं, जिससे उसकी कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं।
ग्रामीणों में नाराजगी, जांच पर उठे सवाल
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है। उनका कहना है कि 75 भेड़ों को ले जाने के लिए किसी बड़े वाहन का इस्तेमाल हुआ होगा, लेकिन पुलिस अब तक न तो किसी संदिग्ध वाहन का पता लगा पाई है और न ही किसी गिरोह तक पहुंच सकी है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
न्याय की गुहार और बढ़ती चिंता
पीड़ित शिवपूजन पाल ने थाना प्रभारी को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि जल्द से जल्द उनकी भेड़ों को बरामद किया जाए और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
इस घटना के बाद क्षेत्र के अन्य पशुपालकों में भी भय का माहौल है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो इस तरह की घटनाएं और बढ़ सकती हैं, जिससे ग्रामीणों की आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।
Author: Shivam Verma
Description










