Mainpuri News: मैनपुरी जिले में निजी स्कूलों द्वारा महंगी किताबें थोपने और नियमों की अनदेखी के आरोपों को लेकर भारतीय किसान यूनियन (महाशक्ति) ने जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन ने इस मुद्दे पर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।
जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन
जिलाध्यक्ष पवन सक्सेना के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि जिले के कई सीबीएसई और अन्य बोर्ड से संबद्ध स्कूल सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं। आरोप है कि स्कूल प्रबंधन निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें छात्रों पर जबरन थोप रहा है, जबकि नियमानुसार एनसीईआरटी की किताबें लागू की जानी चाहिए।
किसान यूनियन ने यह भी आरोप लगाया कि स्कूल प्रबंधन अभिभावकों पर अपनी तय दुकानों से ही किताबें और ड्रेस खरीदने का दबाव बनाता है। इसके साथ ही हर साल किताबों में मामूली बदलाव कर नए सेट खरीदने के लिए मजबूर किया जाता है, जिससे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। संगठन का दावा है कि इस प्रक्रिया में स्कूलों को भारी कमीशन मिलता है, जिसके चलते नियमों की अनदेखी की जा रही है।
एनसीईआरटी किताबें लागू करने की मांग
संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि जिले के सभी स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबें अनिवार्य रूप से लागू कराई जाएं। साथ ही, किसी एक दुकान से किताबें या ड्रेस खरीदने के दबाव को समाप्त करने और प्रवेश शुल्क को निर्धारित नियमों के अनुसार तय करने की भी मांग की गई है।
किसान यूनियन ने 25 प्रतिशत कमजोर वर्ग के कोटे में हो रही अनियमितताओं की भी जांच की मांग उठाई है। संगठन का आरोप है कि कई स्कूल इस कोटे को मनमाने तरीके से भरते हैं, जिससे पात्र छात्रों को इसका लाभ नहीं मिल पाता।
आंदोलन की चेतावनी
किसान यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगा। साथ ही, दोषी स्कूलों की मान्यता रद्द करने और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग भी की गई है।











