Etawah News: इकदिल नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए हो रहे उपचुनाव को लेकर राजनीतिक हलचलें तेज हो गई हैं। समाजवादी पार्टी (सपा) ने एक बार फिर से प्रवीण कुमारी को चुनावी मैदान में उतारा है। मंगलवार रात, सपा सांसद जितेंद्र दोहरे ने इकदिल के अंबेडकर पार्क में आयोजित नुक्कड़ सभा के दौरान पार्टी की प्रत्याशी के पक्ष में वोट की अपील की। इस दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उससे जुड़े हिंदूवादी संगठनों पर जमकर निशाना साधा।
सांसद जितेंद्र दोहरे ने कहा कि “भाजपा के नेता नफरत की राजनीति करते हैं। वे हर बार हिंदू-मुस्लिम के बीच खाई पैदा कर समाज को बांटने का काम करते हैं। यह लोग भाई-भाई को लड़ाने में लगे रहते हैं। अब जनता इनके झूठ और नफरत की राजनीति को समझ चुकी है और इनसे पूरी तरह ऊब चुकी है। जनता अब इन पर विश्वास नहीं करती।”
सभा में उन्होंने विशेष रूप से एक हिंदूवादी नेता द्वारा सपा प्रमुख अखिलेश यादव के खिलाफ की गई अभद्र टिप्पणी पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह टिप्पणी भाजपा की संकीर्ण सोच को दर्शाती है और इस तरह के बयान समाज में जहर घोलने का काम करते हैं।
“फुले” फिल्म पर रोक को बताया साजिश
सभा के दौरान सपा सांसद ने सेंसर बोर्ड द्वारा फिल्म “फुले” पर लगाई गई रोक को लेकर भी अपनी नाराजगी जताई। यह फिल्म महापुरुष ज्योतिबा फुले और सावित्रीबाई फुले के जीवन और उनके सामाजिक संघर्ष पर आधारित है।
सांसद दोहरे ने कहा, “जितने भी हमारे महा संत रहे हैं, उन्होंने समाज के बहुजन तबके के लिए काम किया। उन्होंने 85 प्रतिशत समाज को शिक्षा और अधिकारों से जोड़ा। लेकिन भाजपा नहीं चाहती कि इन संतों के संघर्ष और इतिहास को सामने लाया जाए। इसलिए फिल्म पर रोक लगाई गई, ताकि बहुजन जागरूक न हो सकें।”
2027 की रणनीति के बारे में हुई चर्चा
सभा के अंत में सांसद ने बताया कि समाजवादी पार्टी ने 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए अभी से रणनीति बना ली है। उन्होंने कहा कि पार्टी का ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) वर्ग पूरी तरह अखिलेश यादव के साथ है और 2027 में उत्तर प्रदेश में सपा की सरकार बनाएगा।
2 मई को मतदान
इकदिल नगर पंचायत में 2 मई को मतदान होना है। चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी अपनी पूरी ताकत झोंक रही है। नुक्कड़ सभाओं, जनसंपर्क और सोशल मीडिया के माध्यम से जनता से जुड़ने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं, भाजपा और अन्य दल भी अपनी तैयारी में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।











