Hardoi News: अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकास कार्यों को लेकर हरदोई रेलवे स्टेशन एक बार फिर चर्चा में है। इस बार विवाद स्टेशन भवन के फ्रंट डिज़ाइन में कथित बदलाव को लेकर सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पहले स्वीकृत डिज़ाइन में बिना सार्वजनिक जानकारी और जनप्रतिनिधियों को विश्वास में लिए परिवर्तन कर दिया गया, जिससे स्टेशन की प्रस्तावित भव्यता प्रभावित हुई है।
6 अगस्त 2023 को हुआ था पुनर्विकास कार्यों का शिलान्यास
जानकारी के अनुसार, 6 अगस्त 2023 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के कई रेलवे स्टेशनों के साथ हरदोई रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्यों का भी शिलान्यास किया था। उस समय यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त आकर्षक स्टेशन भवन का प्रस्तावित स्वरूप प्रस्तुत किया गया था। शिलान्यास कार्यक्रम में हरदोई के सांसद जयप्रकाश रावत और मुरादाबाद मंडल के वरिष्ठ रेलवे अधिकारी भी मौजूद थे।
सूत्रों के मुताबिक, शिलान्यास से एक दिन पहले 5 अगस्त 2023 को सांसद जयप्रकाश रावत ने हरदोई रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान उन्हें स्टेशन भवन का प्रारंभिक डिज़ाइन दिखाया गया, जिस पर उन्होंने आपत्ति दर्ज कराई थी। उनका मानना था कि प्रस्तावित भवन का स्वरूप किसी वेयरहाउस जैसा दिखाई दे रहा है।
इसके बाद रेलवे अधिकारियों ने डिज़ाइन में बदलाव करते हुए नया फ्रंट एलिवेशन तैयार किया। बताया जाता है कि सांसद की सहमति मिलने के बाद इसी संशोधित डिज़ाइन को सार्वजनिक किया गया था।
निर्माण के दौरान दोबारा बदलाव का आरोप
अब स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान उसी स्वीकृत डिज़ाइन को दोबारा बदल दिया गया। उनका कहना है कि वर्तमान में जिस डिज़ाइन के आधार पर निर्माण किया जा रहा है, वह पहले सार्वजनिक किए गए मॉडल से काफी अलग है।
स्थानीय नागरिकों का दावा है कि नया स्वरूप अपेक्षाकृत साधारण दिखाई देता है और अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकसित किए जा रहे अन्य प्रमुख रेलवे स्टेशनों की तुलना में कम आकर्षक नजर आता है।
बिना जानकारी बदले जाने का आरोप
लोगों का आरोप है कि फ्रंट डिज़ाइन में किया गया यह बदलाव बिना किसी सार्वजनिक सूचना के किया गया। उनका कहना है कि न तो इसकी जानकारी सांसद को दी गई और न ही आम जनता को अवगत कराया गया। हाल ही में सांसद के निरीक्षण के दौरान लगाए गए मानचित्र से इस परिवर्तन की जानकारी सामने आई। हालांकि, निरीक्षण के समय सांसद का इस ओर ध्यान नहीं गया।
जांच और कार्रवाई की उठी मांग
शहर के कई नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने सांसद जयप्रकाश रावत से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि वास्तव में स्वीकृत डिज़ाइन में बदलाव किया गया है तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही, पहले स्वीकृत आकर्षक फ्रंट डिज़ाइन को ही लागू कराया जाए, ताकि हरदोई रेलवे स्टेशन का स्वरूप अमृत भारत स्टेशन योजना की भावना के अनुरूप विकसित हो सके।
इस विषय पर सांसद जयप्रकाश रावत ने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं था और न ही उनसे किसी प्रकार की स्वीकृति ली गई है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को हरदोई पहुंचने के बाद वह इस विषय पर रेलवे अधिकारियों से वार्ता करेंगे।











